ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी, जांजगीर के विद्यार्थियों चित्तौड़गढ़, माउंट आबू एवं उदयपुर का शैक्षणिक भ्रमण कर सकुशल लौटे

ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी जांजगीर में संस्था संचालक श्री आलोक अग्रवाल, डाॅ. गिरिराज गढ़ेवाल, संस्था प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह के नेतृत्व एवं एकेडमिक को-आडिनेटर शैक्षणिक, भ्रमण प्रभारी श्रीमती नीलम सिंह और सहप्रभारी श्रीमती प्राची पाठक के निर्देशन में 6 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (उदयपुर, माउंट आबू, चित्तौड़गढ़ एवं सांवलिया सेठ) में विद्यार्थियों का छह दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चित्तौड़गढ़, माउंट आबू एवं उदयपुर, सांवलिया सेठ का शैक्षणिक भ्रमण व दर्शन कराया गया। भ्रमण के पश्चात सभी विद्यार्थी सकुशल चांपा रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के लगभग 60 विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के साथ संस्था के छः शिक्षक-शिक्षिकाएं (यात्रा प्रभारी नीलम सिंह , सहप्रभारी प्राची पाठक, सागर राठौर, ऋषभ अग्रवाल, यामिनी गंर्धव, योगेश कुमार) भी मार्गदर्शक एवं अभिभावक के रूप में उपस्थित रहे। संस्था के संचालक श्री आलोक अग्रवाल भी अपने परिवार सहित इस यात्रा में सम्मिलित हुए। पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उनको सुबह नास्ता, दोपहर लंच, रात का डिनर, अच्छे होटल में आवास, आने-जाने हेतु आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, साथ ही चांपा से उदयपुर जाने और वापसी आने में भी सभी विद्यार्थियों के लिए पानी, नास्ता व खाने की समुचित व्यवस्था प्रदान की गई। जिससे विद्यार्थियों को आरामदायक एवं आनंददायक यात्रा का अनुभव प्राप्त हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले, माउंट आबू की प्राकृतिक सुंदरता, गुरुशिखर पर्वत, अजनगढ़ का किला, दिलवाड़ा जैन मंदिर की प्राकृतिक तथा उदयपुर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों में से फतेहसागर झील, सहेलियों की बड़ी, जगदीश मंदिर, शिल्पग्राम, सुखाड़िया सर्कल, मोती मगरी, का अवलोकन एवं उनके इतिहास को जाना एवं समझा। चित्तौड़गढ़ से उदायपुर वापसी में श्री सांवलिया सेठ का दर्शन प्राप्त किया। समस्त विद्यार्थी एवं शिक्षकगण सांवलिया सेठ का दर्शन प्राप्त कर रोमांच से भर उठे। विद्यार्थियों ने इन स्थानों के इतिहास, स्थापत्यकला, गौरवशाली विरासत एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। ऐतिहासिक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।
विद्यालय का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक विद्यार्थियों को सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करना भी है। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में ऐतिहासिक ज्ञान, सामाजिक समझ, अनुशासन, सामूहिक सहयोग एवं आत्मविश्वास की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ अपने सहपाठियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ यादगार पल भी बिताए।
यात्रा से लौटने के दौरान विद्यार्थी काफी उत्साहित एवं प्रसन्न नजर आए। उन्होंने अपने भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह यात्रा उनके लिए मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धक भी रही। विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर अपने ज्ञान में वृद्धि की तथा अनेक नई जानकारियां प्राप्त कीं।
विद्यालय प्रबंधन ने इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं संबंधित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था संचालक श्री आलोक अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ ऐसे अनुभवात्मक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। इस सफल शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों के ज्ञान, उत्साह एवं सीखने की क्षमता में वृद्धि करते हुए उनके लिए एक यादगार अनुभव प्रदान किया।





