सबका साथ-सबका विकास’ सिर्फ नारा, कांग्रेस पार्षद होने की मिल रही सजा: गीता गभेल कोरबा नगर निगम पर भेदभाव का आरोप: विकास नगर वार्ड में दो साल से ठप हैं कार्य, आंदोलन की चेतावनी
सतपाल सिंह
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सबका साथ-सबका विकास’ सिर्फ नारा, कांग्रेस पार्षद होने की मिल रही सजा: गीता गभेल
कोरबा नगर निगम पर भेदभाव का आरोप: विकास नगर वार्ड में दो साल से ठप हैं कार्य, आंदोलन की चेतावनी..

कोरबा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 63 (विकास नगर) में विकास कार्यों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी रार गहरा गई है। क्षेत्र की कांग्रेस पार्षद गीता गभेल ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे तौर पर राजनीतिक भेदभाव बरतने का दावा किया है। पार्षद गभेल का कहना है कि उनके वार्ड में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व होने के कारण निगम प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और पिछले दो वर्षों में यहाँ एक रुपये का भी नया विकास कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है।
पार्षद गीता गभेल ने भाजपा सरकार के केंद्रीय नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दावा धरातल पर महज एक खोखला दिखावा साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद निधि से जुड़े कुछ अत्यंत सीमित कार्यों को छोड़ दिया जाए, तो नगर निगम की मुख्य योजनाओं से विकास नगर को पूरी तरह महरूम रखा गया है। इसके विपरीत, पड़ोसी वार्डों में लाखों-करोड़ों रुपये के निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं, जो निगम की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली को उजागर करता है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा वार्ड, ठप पड़े हैं काम
पार्षद ने वार्ड की बदहाली का ब्योरा देते हुए कहा कि विकास नगर आज बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। वार्ड में न तो सड़कों का सुदृढ़ीकरण हो रहा है और न ही नई नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक आयोजनों के लिए आवश्यक मंच निर्माण, नियमित साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थलों पर पेड़ों की छंटाई जैसे अनिवार्य रखरखाव के कार्य भी महीनों से ठप पड़े हैं। इस प्रशासनिक उपेक्षा का खामियाजा सीधे तौर पर वार्ड की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कार्यकाल के दो वर्ष पूरे, अब आर-पार की लड़ाई का एलान
गीता गभेल ने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि नगर निगम के नए कार्यकाल को दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन जनहित का एक भी बड़ा काम उनके वार्ड में नहीं हुआ है। उन्होंने निगम प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी दिनों में विकास नगर के प्रति इस उपेक्षात्मक और भेदभावपूर्ण रवैये में सुधार नहीं हुआ, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। वार्डवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे जल्द ही जनता के साथ मिलकर नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगी और एक व्यापक उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।





