सरस्वती शिशु मंदिर में नशा मुक्ति महाभियान: योग और ध्यान से जीवन संवारने का दिया संदेश ब्रम्हकुमारी बहनों ने छात्रों को दिलाया नशा मुक्ति का संकल्प; कुसमुंडा में खुली नई शाखा
सतपाल सिंह

सरस्वती शिशु मंदिर में नशा मुक्ति महाभियान: योग और ध्यान से जीवन संवारने का दिया संदेश
ब्रम्हकुमारी बहनों ने छात्रों को दिलाया नशा मुक्ति का संकल्प; कुसमुंडा में खुली नई शाखा

कुसमुंडा, 2 नवंबर। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा गेवरा बस्ती में प्रजापति ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ‘नशा मुक्ति महाभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों, इससे होने वाले पारिवारिक विघटन और सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही युवाओं को योग और ध्यान के माध्यम से मन शांत रखकर अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की राह दिखाई गई। 
गीत और कहानियों से समझाया संदेश
संस्थान की ओर से पहुंचीं मुख्य वक्ता बी.के. चितेश्वरी दीदी और बी.के. ज्योति दीदी ने बेहद अनूठे अंदाज में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने प्रेरक कहानियों और गीतों के माध्यम से बच्चों को समझाया कि “नशा नाश का द्वार है” और इससे दूर रहना ही मानव हित में है। दीदियों ने बताया कि मानसिक तनाव और भटकाव से बचने के लिए राजयोग और ध्यान सबसे सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज बनाने और स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया।
आदर्श नगर में खुली ब्रम्हकुमारी की नई शाखा
इस दौरान ब्रम्हकुमारी बहनों ने जानकारी दी कि कुसमुंडा के आदर्श नगर (बी-321) में संस्थान की नई शाखा का शुभारंभ हो गया है। यहाँ प्रतिदिन सुबह की प्रार्थना, राजयोग और ध्यान की निःशुल्क कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विद्यालय के आचार्यों और विद्यार्थियों को इन कक्षाओं में सम्मिलित होने का आमंत्रण देते हुए कहा कि नियमित ध्यान से मानव जीवन में सकारात्मक और चमत्कारिक बदलाव आते हैं।
विद्यालय परिवार ने ली सहभागिता की शपथ
इस महाभियान में विद्यालय के प्राचार्य श्री चिंतामणि कौशिक, समस्त शिक्षक (आचार्य) और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्राचार्य श्री कौशिक ने ब्रम्हकुमारी संस्थान के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही ऐसे संस्कार देना जरूरी है। विद्यालय परिवार ने इस नशा मुक्ति अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।





