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ट्रांसफर पॉलिसी को ठेंगा: छत्तीसगढ़ पुलिस में नियमों पर भारी ‘कुर्सी प्रेम’, 4 SP बदले पर यातायात के ‘अचल’ ASI टस से मस नहीं

सतपाल सिंह

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ट्रांसफर पॉलिसी को ठेंगा: छत्तीसगढ़ पुलिस में नियमों पर भारी ‘कुर्सी प्रेम’, 4 SP बदले पर यातायात के ‘अचल’ ASI टस से मस नहीं..

विशेष रिपोर्ट |
कोरबा (छत्तीसगढ़): भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा में ‘तबादला’ एक अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। लेकिन छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा जिले में पुलिस महकमे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने राज्य की ट्रांसफर पॉलिसी (Transfer Policy) की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मामला पुलिस की सबसे संवेदनशील और पब्लिक-डीलिंग वाली शाखा ‘यातायात’ (Traffic Department) से जुड़ा है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर एक ही सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सालों से अपनी कुर्सी पर ‘अचल’ बने हुए हैं।

महा-तबादलों के दौर में भी ‘सुरक्षित’ हैं साहब
आंकड़े और जमीनी हकीकत गवाह हैं कि पिछले 4 से 5 वर्षों के भीतर कोरबा जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 4 पुलिस अधीक्षक (SP) बदले जा चुके हैं। दर्जनों थाना प्रभारी (TI), उपनिरीक्षक (SI) और सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) के ट्रांसफर आर्डर जारी हुए। थानों की कमान बदली, चौकियों के प्रभारी बदले, लेकिन यातायात शाखा में जमे इन ASI साहब का ‘कुर्सी प्रेम’ और रसूख ऐसा है कि हर बड़ी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम गायब रहता है।

‘प्रशासनिक सेटिंग’ या नियमों से ऊपर व्यक्ति?
पुलिस मुख्यालय (PHQ) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी शासकीय कर्मचारी या पुलिस अधिकारी को सामान्यतः एक ही स्थान या संवेदनशील विंग में 3 वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रखा जा सकता। विशेषकर यातायात जैसी शाखाओं में, जहाँ भ्रष्टाचार और एकाधिकार (Monopoly) की गुंजाइश सबसे अधिक होती है, वहाँ रोटेशन पॉलिसी का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर विभागीय नियमों की इस ‘अमरबेल’ के पीछे की हकीकत क्या है? महकमे के भीतर और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि साहब की ‘मैनेजमेंट स्किल’ और ‘प्रशासनिक सेटिंग’ इतनी अचूक है कि कप्तान (SP) कोई भी आए, साहब अपनी गोटियां फिट कर ही लेते हैं।

राष्ट्रीय विमर्श: व्यवस्था पर खड़े होते 4 गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ एक जिले के एएसआई का नहीं है, बल्कि देश की पुलिसिंग व्यवस्था में मौजूद ‘सिस्टम लूपहोल’ का बड़ा उदाहरण है, जो निम्नलिखित गंभीर सवाल खड़े करता है:

1. पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न: जब जिले भर के अधिकारियों का तबादला नियमों के तहत हो रहा है, तो इस विशिष्ट अधिकारी को किस ‘विशेषाधिकार’ के तहत छूट मिली हुई है? क्या उनकी कोई ऐसी गुप्त प्रशासनिक उपलब्धि है जो सार्वजनिक नहीं की जा सकती?
2. संस्थागत एकाधिकार (Monopoly) का खतरा: यातायात जैसे सीधे जनता से जुड़े विभाग में यदि एक ही व्यक्ति वर्षों तक तैनात रहेगा, तो स्थानीय सिंडिकेट, अवैध वसूली और लॉबिंग के आरोप लगना स्वाभाविक है।
3. नियमों का दोेहरा मापदंड: क्या छत्तीसगढ़ पुलिस की ट्रांसफर पॉलिसी सिर्फ उन पुलिसकर्मियों के लिए है जिनकी कोई ऊंची ‘सेटिंग’ नहीं है?
4. प्रशासनिक साख को बट्टा: एक अदने से एएसआई के सामने पूरी ट्रांसफर पॉलिसी का पंगु नजर आना, जिले के शीर्ष पुलिस नेतृत्व की कार्यशैली और साख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।

अब बारी ‘कप्तान’ की: क्या होगा एक्शन?
यातायात व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा और सुगमता से जुड़ी है। किसी एक पद पर लंबे समय तक किसी का काबिज रहना प्रशासनिक तंत्र में सड़न पैदा करता है।
अब देखना यह है कि कोरबा पुलिस अधीक्षक (SP) और छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अधिकारी इस गंभीर प्रशासनिक विसंगति का संज्ञान लेते हैं या नहीं? जनता और पुलिस महकमे के ईमानदार कर्मचारी अब यह मांग कर रहे हैं कि ट्रांसफर पॉलिसी का पालन समान रूप से किया जाए। यदि इस ‘अचल’ पोस्टिंग के पीछे कोई वैध और विशेष कारण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा तुरंत नियमानुसार कार्रवाई कर पुलिस विभाग की धूमिल होती छवि को साफ किया जाए।

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026