*विद्या वाचस्पति सारस्वत सम्मान से सम्मानित हुए शिक्षक जगदीश प्रसाद गबेल का संकुल केन्द्र नंदौर खुर्द के शिक्षकों ने किया सम्मान*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती देश की राजधानी दिल्ली में विद्या वाचस्पति सारस्वत सम्मान से सम्मानित होकर घर लौटे शिक्षक जगदीश गबेल का 29 अप्रैल, बुधवार को संकुल केन्द्र नंदौर खुर्द के शिक्षकों ने सम्मान किया। शासकीय प्राथमिक शाला डोंड़की में एक विशेष कार्यक्रम में संकुल के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने उन्हें उनकी विशिष्ट उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इन पलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने डॉ जगदीश गबेल को साल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर शिक्षक -शिक्षिकाओं में संकुल परिवार नन्दौर खुर्द शैक्षिक समन्वयक मदन मोहन जायसवाल , श्रीमती उषा साहू प्रधान पाठक, देव भारद्वाज प्रधान पाठक मोहनलाल लहरे, प्रधान पाठक संजीव कुमार सूर्यवंशी, नवाचारी शिक्षक यशवंत राठौर, प्रधान पाठक अनिल राठौर, मनीषा राठौर , भूषण सिदार , रमाकांत गबेल, लक्ष्मीन राठौर , योगिता राठौर, पीतर बाई, देवांगन मैडम, रश्मि बनाफर , चंद्रहास डनसेना, लक्ष्मी नारायण लहरे , पूर्णिमा साहू, नंदनी केवट, पूर्व उप सरपंच, पार्वती नेताम सुभद्रा साहू ,उदय मधुकर तथा पत्रकार योम प्रकाश लहरे सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने जगदीश गबेल को अपनी उपलब्धियों से जिला सहित प्रदेश का गौरव बढ़ाने के बधाई दी। इस दौरान डॉ जगदीश गबेल ने इस विशेष सम्मान के लिए सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि डायरी लेखन उनकी दिनचर्या में शामिल हैं।
वे विद्यार्थी जीवन से ही डायरी लिखते रहे हैं जो कि आज भी बदस्तूर जारी है। डॉ गबेल ने बताया कि डायरी लिखते-लिखते उनकी रुचि कविता लेखन की ओर बढ़ी और ओ कविताएं भी लिखने लगे। डॉ गबेल ने बताया कि उनकी लिखी कविताएं साझा संकलन के रूप में अब तक 35 पुस्तकों में प्रकाशित हो चुकी हैं। इतना ही नहीं उन्हें इस हेतु विभिन्न संस्थानों से तीन सौ से अधिक सम्मान पत्र भी प्राप्त हो चुके हैं। डॉ गबेल ने कहा अगर हम कुछ करने को ठान लें और उसे पूरा करने के लिए सच्चे मन से ईमानदारी पूर्वक मेहनत करें तो फिर हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं होता। गौरतलब हो कि सक्ती जिला अंतर्गत ग्राम डोड़की निवासी सहायक शिक्षक जगदीश प्रसाद गबेल को हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में 26 अप्रैल 2026 को डाक्ट्रेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ वृंदावन धाम मथुरा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय हिन्दी संगोष्ठी एवं डाक्टरेट मानद उपाधि सम्मान समारोह के मंच से साहित्य सृजन व शिक्षा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। देश की राजधानी दिल्ली स्थित रेडीसन ब्लू होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान मुख्य अतिथि प्रो.सुधीर कुमार आर्य जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली , कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ मथुरा डॉ इंदु भूषण मिश्रा, शिक्षा निदेशालय नई दिल्ली डा रेखा चौहान, एससीईआरटी दिल्ली डाक्टर सुमीत शर्मा , शिक्षा विभाग नई दिल्ली डा अमन सिंह सहित विद्वंतजनों के पावन सानिध्य में डॉक्टरेड आफ लिटरेचर की मानद उपाधि ( विघावाचस्पति सारस्वत ससम्मान) से सम्मानित किया गया। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य के सक्ती जिला अंतर्गत ग्राम डोंड़की निवासी सहायक शिक्षक जगदीश गबेल साहित्य सृजन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनके इस कार्य के लिए उन्हें अनेक प्रशस्ति पत्र सम्मानो से सम्मानित किया जा चुका है।






