Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक, पुलिस-प्रशासन ने 70% क्षेत्रों की जांच पूरी

Bilaspur News: बिलासपुर जिले में अफीम और गांजा की अवैध खेती की आशंकाओं के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीमें गांव-गांव जाकर खेतों की सघन जांच कर रही हैं। इस अभियान में तहसीलदार, पटवारी और ग्राम सचिव भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अवैध नशे का कारोबार पनप न सके। अभियान के दौरान फॉर्म हाउसों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि इनका उपयोग अक्सर अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।
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प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित खेती पाई गई, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों पटवारी और ग्राम सचिव की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही या जानकारी छिपाने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। कोटा, बेलगहना, सीपत और मस्तूरी को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए यहां निगरानी और कड़ी कर दी गई है। पुलिस का सूचना तंत्र भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अफीम और गांजा की खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब तक जिले के करीब 60 से 70 फीसदी संवेदनशील इलाकों की जांच पूरी की जा चुकी है। टीमें केवल खेतों के बाहर से निरीक्षण नहीं कर रहीं, बल्कि सीधे फसलों के बीच जाकर बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। खासतौर पर गन्ने, केले और अन्य घने पौधों के बीच छिपाकर की जाने वाली खेती पर विशेष नजर रखी जा रही है।





