कोरबा – रिश्तों का कत्ल करने वाले कलयुगी मामा को 10 साल की जेल, कोर्ट ने कहा- “पवित्र रिश्ते को किया कलंकित”
सतपाल सिंह


कोरबा – रिश्तों का कत्ल करने वाले कलयुगी मामा को 10 साल की जेल, कोर्ट ने कहा- “पवित्र रिश्ते को किया कलंकित”
अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला..

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सरकारी वकील ने पेश किए अचूक सबूत, चारों धाराओं में लगा जुर्माना
थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्र का मामला: पीड़िता के साहस से सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी
कोरबा रामपुर। मामा-भांजी के पवित्र और अटूट रिश्ते को शर्मसार करने वाले एक कलयुगी मामा को अदालत ने उसके पापों की कड़ी सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश माननीय सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने पीड़िता के साथ दरिंदगी और ज्यादती करने वाले आरोपी सुशिल केंवट को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
शरण मांगकर घर में घुसा, फिर ढाने लगा जुल्म
फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त लोक अभियोजक (सरकारी वकील) मोहन सोनी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह दिल दहला देने वाली घटना सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के पिता की मौत हो चुकी है और वह अपनी मां के साथ अकेली रहती थी। आरोपी सुशील केंवट रिश्ते में लड़की का मामा लगता था। उसने बेसहारा होने का नाटक कर मां-बेटी से घर में रहने के लिए शरण मांगी थी।
रिश्ते की दुहाई पर मां ने उसे घर में रहने की जगह दे दी, लेकिन आरोपी की नीयत खराब थी। वह घर में लड़की को अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने लगा। जब पीड़िता ने तंग आकर अपनी मां को यह बात बताई, तो मां ने भाई समझकर आरोपी को जमकर फटकार लगाई। इस पर सुधरने के बजाय आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया और दोनों मां-बेटी को जान से मारने की धमकी देने लगा।
14 जनवरी को पार की हैवानियत की हदें
आरोपी के हौसले इतने बुलंद हो चुके थे कि 14 जनवरी 2026 को उसने एक बार फिर लड़की को घर में अकेला पाया। मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए उसने मामा-भांजी के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह कलंकित कर दिया और वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के साहस ने सिखाया सबक, पुलिस ने दर्ज की FIR
पीड़िता ने इस जुल्म के आगे घुटने टेकने या चुपचाप सहने के बजाय न्याय की लड़ाई लड़ने की ठानी। उसने पूरे साहस के साथ रामपुर थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ आवाज उठाई। पीड़िता की शिकायत पर रामपुर पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए आरोपी सुशील केंवट के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में कोर्ट ने मुकर्रर की सजा
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मोहन सोनी ने पीड़िता का पक्ष मजबूती से रखा और अदालत के सामने अकाट्य साक्ष्य व गवाह पेश किए। वैज्ञानिक और पुख्ता सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने आरोपी सुशील केंवट को दोषी पाते हुए निम्नलिखित सजाओं से दंडित किया:
BNS धारा 64(1) [बलात्कार]: 10 साल की कैद और ₹2,000 जुर्माना।
BNS धारा 74: 3 साल की कैद और ₹500 जुर्माना।
BNS धारा 75(2): 3 साल की कैद और ₹500 जुर्माना।
BNS धारा 351(3): 3 साल की कैद और ₹500 जुर्माना।
अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि रिश्ते की आड़ में ऐसा घिनौना कृत्य करने वाले समाज के लिए नासूर हैं और इनके साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।





