Rainy Season Mood Swings: बरसात में सुस्ती और आलस से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 आसान बदलाव, मिलेगी नई ऊर्जा

बरसात में थकान और नींद ज्यादा क्यों आती है?
प्यास न लगे तब भी पानी पीते रहें
बरसात में अक्सर लोगों को कम प्यास लगती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत नहीं है. नमी वाले मौसम में भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे थकान, सिरदर्द और सुस्ती बढ़ सकती है. इसलिए दिनभर थोड़ा थोड़ा पानी पीते रहें. नारियल पानी, छाछ और पानी वाले फल भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं.
रोज थोड़ा चलें और धूप मिलने पर बाहर निकलें
मानसून में लोग घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं. इससे शरीर की एक्टिविटी कम हो जाती है. अगर तेज बारिश न हो तो सुबह या शाम थोड़ी देर टहलें. घर के अंदर भी हल्की एक्सरसाइज, योग या स्ट्रेचिंग की जा सकती है. जहां भी हल्की धूप मिले, वहां कुछ समय बिताने की कोशिश करें. इससे शरीर और मूड दोनों बेहतर रह सकते हैं.
पेट को स्वस्थ रखना भी जरूरी
बरसात के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. शरीर की इम्यूनिटी का बड़ा हिस्सा पेट की सेहत से जुड़ा माना जाता है. इसलिए दही, छाछ और फाइबर वाले फल व सब्जियां खाने की आदत डालें. बाहर का बासी या खुला खाना खाने से बचें. जब पेट सही रहेगा, तब शरीर भी ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करेगा.
नींद से समझौता बिल्कुल न करें
अगर रात की नींद पूरी नहीं होगी तो अगले दिन शरीर में एनर्जी कम महसूस होगी. बारिश के दौरान मौसम और शोर की वजह से कई लोगों की नींद बार बार टूट जाती है. कोशिश करें कि रोज लगभग एक ही समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें. अच्छी नींद शरीर को आराम देने के साथ इम्यूनिटी को भी बेहतर रखने में मदद करती है.
हर दिन पर्याप्त प्रोटीन लें
बरसात के मौसम में शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ पेट भरना काफी नहीं है. खाने में प्रोटीन की सही मात्रा होना भी जरूरी है. अंडे, दाल, पनीर, दही, दूध, चना, मूंगफली और दूसरे प्रोटीन वाले खाने शरीर को ताकत देने के साथ इम्यूनिटी को भी सपोर्ट करते हैं. इसके साथ मौसमी फल खाने से भी फायदा मिल सकता है.
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कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर कई दिनों तक लगातार थकान बनी रहे, तेज बुखार आए, बिना वजह वजन कम होने लगे, सांस लेने में दिक्कत हो या शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज न करें. ऐसे लक्षण किसी दूसरी बीमारी की ओर भी इशारा कर सकते हैं. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.





