एक यूनियन – एक सदस्यता, एसईसीएल में नए नियम से यूनियन की बदलेगी राजनीति
एक यूनियन – एक सदस्यता, एसईसीएल में नए नियम से यूनियन की बदलेगी राजनीति
एसईसीएल में नए नियम से यूनियन राजनीति में बड़ा बदलाव होने वाला है। अब एक कर्मचारी से सिर्फ एक यूनियन का ही शुल्क काटा जाएगा। पारदर्शी व सुव्यवस्थित व्यवस्था को लेकर जारी दिशा निर्देश के बाद यूनियन सियासत का समीकरण बदलेगा।
एसईसीएल प्रबंधन ने श्रमिक संघ सदस्यता शुल्क की कटौती को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था औद्योगिक संबंध संहिता 2020 की धारा 18(2) के तहत अधिसूचित प्रावधानों के अनुरूप लागू की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब एक कर्मचारी के वेतन से केवल एक मान्यता प्राप्त यूनियन का ही सदस्यता शुल्क काटा जाएगा। इससे बहु-यूनियन सदस्यता और विवादित सदस्यता के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है। प्रबंधन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक संबंधित यूनियनों द्वारा जमा किए गए चेक-ऑफ प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ऑथराइजेशन फॉर्म ही सदस्यता शुल्क कटौती के लिए मान्य होंगे। उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकल और बहु-यूनियन सदस्यता वाले कर्मचारियों की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी। एसईसीएल की प्रत्येक इकाई में संबंधित यूनियनों की उपस्थिति में कर्मचारियों का सदस्यता सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए एक एचआर अधिकारी, एक कार्यपालिक अधिकारी तथा एक खनन कार्यपालिक अधिकारी की समिति गठित की जाएगी। सत्यापन की प्रक्रिया 1 से 25 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी। बीमारी या अवकाश के कारण अनुपस्थित कर्मचारियों के लिए बाद में विशेष सत्यापन दिवस भी निर्धारित किया जाएगा।
रिकार्ड के आधार पर होगी कटौती
नए नियम के मुताबिक बहु-यूनियन सदस्यता वाले कर्मचारी अपनी पसंद की एक यूनियन का चयन करेंगे। सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होने वाले एकल सदस्यता वाले कर्मचारियों का शुल्क उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर काटा जाएगा। यदि कोई कर्मचारी अपने नाम से जमा सदस्यता प्राधिकरण पर विवाद दर्ज कराता है, तो उसके वेतन से सदस्यता शुल्क नहीं काटा जाएगा। यदि बहु-यूनियन सदस्यता वाला कर्मचारी शपथपत्र देकर यह घोषित करता है कि वह किसी भी यूनियन का सदस्य नहीं है, तो उसके वेतन से कोई सदस्यता शुल्क नहीं काटा जाएगा। जो बहु-यूनियन सदस्यता वाले कर्मचारी सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होंगे, उनके मामले में भी सदस्यता शुल्क की कटौती नहीं की जाएगी।






