Health and fitness

ज्यादा मीठा खाने से लिवर पर पड़ता है असर? क्या चीनी से आती है लिवर में सूजन, डॉक्टर से जानें

भारत में त्योहारों का मतलब मिठाई, पकवान और स्वादिष्ट व्यंजनों से जुड़ा होता है। होली हो या दिवाली, इन मौकों पर लोग जमकर मिठाइयां खाते हैं और एक-दूसरे के घर भी मिठाई लेकर जाते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा मीठा खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासतौर पर लगातार अधिक मात्रा में चीनी का सेवन लिवर पर बुरा असर डाल सकता है।

कभी-कभार थोड़ी मात्रा में मिठाई खाने से आमतौर पर लिवर को नुकसान होने की आशंका कम होती है। समस्या तब बढ़ती है जब लंबे समय तक ज्यादा चीनी, मीठे पेय और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है। इससे वजन बढ़ने, इंसुलिन प्रतिरोध और लिवर में अतिरिक्त फैट जमा होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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ज्यादा मीठा खाने से लिवर पर क्या असर पड़ता है?

चीनी को शरीर में प्रोसेस करने में लिवर की अहम भूमिका होती है। खासतौर पर फ्रक्टोज का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है। टेबल शुगर, मिठाइयों और कई मीठे पेय पदार्थों में फ्रक्टोज पाया जाता है।

जब लंबे समय तक शरीर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी और फ्रक्टोज पहुंचता है, तो लिवर अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट के कुछ हिस्से को फैट में बदल सकता है। समय के साथ यह फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लग सकता है और इससे मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) का खतरा बढ़ सकता है। इसे पहले नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के नाम से जाना जाता था।

बहुत ज्यादा मीठा खाने के बाद शरीर में क्या होता है?

मिठाई और कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ पचने के बाद शुगर में बदलते हैं, जो रक्त में पहुंचती है। ग्लूकोज का इस्तेमाल शरीर ऊर्जा के लिए करता है और जरूरत के अनुसार इसे भविष्य के इस्तेमाल के लिए भी स्टोर किया जा सकता है।

वहीं, फ्रक्टोज का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है। लगातार अधिक मात्रा में फ्रक्टोज और कैलोरी लेने से डी नोवो लिपोजेनेसिस नामक प्रक्रिया बढ़ सकती है, जिसमें लिवर फैटी एसिड बनाने लगता है। इसका कुछ हिस्सा लिवर की कोशिकाओं में फैट के रूप में जमा हो सकता है।

हालांकि, एक दिन या कभी-कभार ज्यादा मिठाई खाने से तुरंत फैटी लिवर नहीं हो जाता। समस्या लंबे समय तक बनी रहने वाली खान-पान की आदतों से पैदा होती है। अधिक वजन, इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप-2 डायबिटीज जैसी स्थितियों में इसका जोखिम और बढ़ सकता है।

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क्या ज्यादा चीनी से लिवर में सूजन हो सकती है?

लिवर में फैट जमा होना हमेशा सूजन या लिवर डैमेज का संकेत नहीं होता। कुछ लोगों में लिवर में फैट जमा होने के बावजूद शुरुआत में सूजन या चोट के स्पष्ट संकेत नहीं होते।

हालांकि, कुछ मामलों में बीमारी आगे बढ़ सकती है और लिवर में फैट के साथ सूजन और कोशिकाओं को नुकसान होने की स्थिति पैदा हो सकती है। लंबे समय तक ऐसी समस्या बनी रहने पर फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर लिवर संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कुछ गंभीर मामलों में लिवर कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

इसलिए त्योहारों के दौरान मिठाइयों और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है। संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और वजन को नियंत्रित रखना लिवर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026