बढ़ते कोयला डिमांड के बीच मिशन मोड पर कोल इंडिया; चेयरमैन बी. साईराम ने लिया कुसमुंडा मेगा माइन्स का जायजा, ‘मैनपावर’ को सराहा
सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर


बढ़ते कोयला डिमांड के बीच मिशन मोड पर कोल इंडिया; चेयरमैन बी. साईराम ने लिया कुसमुंडा मेगा माइन्स का जायजा, ‘मैनपावर’ को सराहा..
बिलासपुर/कुसमुंडा। देश की ऊर्जा सुरक्षा और कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोल इंडिया ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी सिलसिले में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के चेयरमैन श्री बी. साईराम ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की देश की प्रतिष्ठित कुसमुंडा मेगा परियोजना का धुआंधार और व्यापक मैदानी निरीक्षण किया। चेयरमैन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि संशोधित उत्पादन लक्ष्यों को हर हाल में हासिल करना है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
व्यू पॉइंट से परखा दम, नए माइनिंग पैच का खुद किया मुआयना
चेयरमैन श्री बी. साईराम ने अपने दौरे की शुरुआत सीधे कुसमुंडा खदान के व्यू पॉइंट से की। ऊंचाई से पूरी खनन गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद वे जमीन पर उतरे और विभागीय माइनिंग पैच का रुख किया।
मैदानी समीक्षा: उन्होंने सीधे कोल फेस पर जाकर कोयला उत्पादन और ओवरबर्डन रिमूवल (OBR) की रफ्तार की समीक्षा की।
नए पैच का निरीक्षण: चेयरमैन ने इसके बाद केएनआर (KNR) के नए कॉन्ट्रैक्ट पैच का दौरा किया और वहां चल रहे परिचालन को परखा।
नीलकंठ फेस पर फोकस: नीलकंठ फेस के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोल एक्सपोजर और माइनिंग गतिविधियों की तकनीकी बारीकियों का जायजा लिया, ताकि आने वाले दिनों में उत्पादन को दोगुनी रफ्तार दी जा सके।
कप्तानों की बैठक: बाधाएं दूर करने और टारगेट हासिल करने का रोडमैप तैयार
फील्ड इन्सपेक्शन के तुरंत बाद चेयरमैन ने कुसमुंडा क्षेत्र के आला अधिकारियों, संविदा एजेंसियों के प्रतिनिधियों और प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की।
ऑनलाइन जुड़े सीएमडी: इस रणनीतिक बैठक में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सीधे जुड़े।
अधिकारियों की मौजूदगी: मौके पर निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री रमेश चन्द्र महापात्र, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) श्री नृपेन्द्र नाथ समेत क्षेत्र के सभी वरिष्ठ कमांडर तैनात रहे।
चुनौतियों का ऑन-द-स्पॉट समाधान: बैठक में उत्पादन बढ़ाने की राह में आ रही जमीनी और परिचालन संबंधी बाधाओं पर गंभीर विमर्श हुआ। चेयरमैन ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ हर चुनौती का तत्काल समाधान निकालने के कड़े निर्देश दिए।
‘कोयला वीरों’ की थपथपाई पीठ, बढ़ाया हौसला
इस कड़क प्रशासनिक दौरे का सबसे मानवीय और आकर्षक पहलू तब सामने आया जब चेयरमैन श्री साईराम ने खदान की रीढ़ माने जाने वाले श्रमिकों और मैदानी कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनकी हौसलाफजाई की। उन्होंने साफ किया कि कोल इंडिया का हर कर्मचारी देश को रोशन करने वाला सिपाही है और उनकी मेहनत ही कंपनी की असली ताकत है।





