NATIONALभारत

प्रोटेस्ट को लेकर CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान, बोले- लोकतांत्रिक प्रदर्शन करें, सुप्रीम कोर्ट को इससे दूर रखें

नई दिल्ली : दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध मार्च के बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित स्थानों पर कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को प्रदर्शनों में नहीं घसीटा जाना चाहिए और न्यायालय के कामकाज में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।

CG Weather Update: प्रदेश में मौसम लेगा करवट, तापमान में बदलाव के आसार, जानिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

वकीलों की हिरासत और इंटरनेट बंद होने पर याचिका

दरअसल, विरोध प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लिए जाने और इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने याचिका दाखिल की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

SCBA की ओर से अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने कहा कि दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच वकीलों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलनी चाहिए, लेकिन इनके कारण सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर असर नहीं पड़ना चाहिए। वकीलों, अदालत के कर्मचारियों और मुकदमों से जुड़े लोगों की आवाजाही भी बाधित नहीं होनी चाहिए।

विपक्ष के मार्च को लेकर दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्षी दलों ने 11 अक्टूबर को घोषणा की थी कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। उनकी मांगों में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाना और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल है।

प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इससे पहले विरोध प्रदर्शनों के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं समेत हजारों लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी।

छह मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला

प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशनों को शाम 4 बजे तक बंद रखने की घोषणा की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए शहर की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। इसके साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में सत्यापन अभियान भी बढ़ाया गया है।

नैला जांजगीर के बसईवाल परिवार द्वारा पितृ मोक्षार्थ श्री गया जी श्राद्ध निमित

120 से अधिक केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात

सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियां दिल्ली पुलिस की सहायता कर रही हैं। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जहां संयुक्त आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त स्तर के अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं।

इसके अलावा, विभिन्न पुलिस इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को जुटाने से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी निगरानी की जा रही है।

फिलहाल, विरोध मार्च और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने यह स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक प्रदर्शन कानून के दायरे में होने चाहिए और न्यायिक कामकाज तथा आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026