त्यौहार से पहले हक की मांग: ‘मजदूरों की मेहनत से चलता है उत्पादन, दीपावली पर अनदेखी बर्दाश्त नहीं’ मजदूरों के हक के लिए मंडल कांग्रेस मुस्तैद, SECL प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन..
सतपाल सिंह

त्यौहार से पहले हक की मांग: ‘मजदूरों की मेहनत से चलता है उत्पादन, दीपावली पर अनदेखी बर्दाश्त नहीं’
मजदूरों के हक के लिए मंडल कांग्रेस मुस्तैद, SECL प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन..

कोरबा / कुसमुंडा। दीपावली के पावन पर्व पर कोयला खदानों में दिन-रात पसीना बहाने वाले आउटसोर्सिंग श्रमिकों के चेहरों पर खुशी लाने के लिए मांगें तेज हो गई हैं। SECL कुसमुंडा क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत सभी पात्र श्रमिकों को नियमानुसार दीपावली बोनस का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने की जोरदार वकालत की गई है।
इस सिलसिले में मंडल कांग्रेस कमेटी कुसमुंडा (बांकी मोंगरा) के अध्यक्ष धनंजय दीवान ने सोमवार को कुसमुंडा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक (GM) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
उत्पादन की रीढ़ हैं ये श्रमिक
प्रबंधन को सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के तहत कार्यरत सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी और चौबीस घंटे मेहनत करने वाले श्रमिक ही कोयला उत्पादन की असली रीढ़ हैं। दिन-रात खदानों और संयंत्रों में काम करने वाले इन कर्मचारियों का उद्योग के विकास में बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर उन्हें उनके वैधानिक अधिकारों और आर्थिक लाभ से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।
लिखित में मांगी भुगतान की जानकारी
कांग्रेस नेता धनंजय दीवान ने प्रबंधन के समक्ष प्रमुख रूप से चार मांगें रखी हैं:
• सभी पात्र श्रमिकों को नियमानुसार दीपावली बोनस का शत-प्रतिशत भुगतान किया जाए।
• बोनस की यह राशि हर हाल में दीपावली पर्व की मुख्य तिथि से पहले श्रमिकों के खातों में पहुंच जानी चाहिए।
• किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बहाने से किसी पात्र श्रमिक को इस लाभ से वंचित न किया जाए।
• बोनस भुगतान की पूरी रूपरेखा और तारीखों की जानकारी लिखित रूप में सार्वजनिक की जाए।
इसके साथ ही, ज्ञापन में श्रमिकों के लंबे समय से रुके हुए लंबित वेतन और अन्य वैधानिक देयकों का भुगतान भी तुरंत करने की मांग उठाई गई है।
अनदेखी हुई तो भुगतने होंगे नतीजे
मंडल अध्यक्ष धनंजय दीवान ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के प्रबंधन को दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “उद्योग और कोयला उत्पादन केवल मशीनों से नहीं, बल्कि मजदूरों के खून-पसीने से चलता है। त्योहार के इस पावन मौके पर गरीब मजदूरों के हकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इस दौरान ज्ञापन की प्रतिलिपियां SECL कुसमुंडा क्षेत्र के सभी संबंधित उच्चाधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं, ताकि समय रहते श्रमिकों के खातों में त्योहार की खुशियां पहुंच सकें।





