मुरली होटल को लेकर प्रकाशित शिकायत पर अधिवक्ता संघ ने किया बड़ा खुलासा, कहा- लेटरपैड का दुरुपयोग, शिकायत संघ की नहीं

कटघोरा। न्यू बस स्टैंड स्थित मुरली होटल को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर 25 जुलाई 2026 को प्रकाशित समाचार के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पहले प्रकाशित खबर में दावा किया गया था कि अधिवक्ता संघ कटघोरा ने अपने लेटरपैड, सील एवं हस्ताक्षर सहित एसडीएम (राजस्व) कटघोरा को ज्ञापन सौंपकर होटल के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शिकायत में होटल के कारण यातायात व्यवस्था बाधित होने, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका, गंदगी फैलने तथा नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
समाचार में यह भी उल्लेख था कि यदि प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता संघ 26 जुलाई को होटल के सामने प्रदर्शन करेगा। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर पालिका एवं थाना कटघोरा को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई थी।
अब अधिवक्ता संघ ने किया आधिकारिक खंडन
उक्त समाचार के प्रकाशन के बाद अधिवक्ता संघ कटघोरा ने तत्काल कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर पूरे मामले पर विचार-विमर्श किया। बैठक के पश्चात संघ के सचिव यदूनंदन प्रसाद जायसवाल ने स्पष्ट किया कि मुरली होटल के संबंध में एसडीएम को शिकायत प्रस्तुत करने का कोई प्रस्ताव न तो कार्यकारिणी द्वारा और न ही सामान्य सभा द्वारा पारित किया गया था।
संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिस शिकायत पत्र के आधार पर समाचार प्रकाशित हुआ, वह अधिवक्ता संघ द्वारा अधिकृत रूप से जारी नहीं किया गया है। संघ के अनुसार, उस पत्र का संघ से कोई अधिकृत संबंध नहीं है और उसे अधिवक्ता संघ का आधिकारिक दस्तावेज नहीं माना जाए।
प्रकाशित समाचार पर उठे गंभीर सवाल
अधिवक्ता संघ के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद पहले प्रकाशित समाचार की प्रामाणिकता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। यदि वास्तव में संघ की स्वीकृति के बिना उसके *लेटरपैड, सील एवं हस्ताक्षर* का उपयोग कर शिकायत तैयार की गई है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
निष्पक्ष पत्रकारिता का दायित्व
पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के अनुरूप किसी भी विवादित मामले में सभी पक्षों को समान अवसर दिया जाना आवश्यक है। इसी सिद्धांत का पालन करते हुए अधिवक्ता संघ कटघोरा द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है।
यदि भविष्य में इस मामले में किसी सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी द्वारा जांच अथवा कोई आधिकारिक कार्रवाई की जाती है, तो उसके तथ्य भी निष्पक्ष रूप से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

(खंडन/स्पष्टीकरण : यह समाचार अधिवक्ता संघ कटघोरा द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण के आधार पर प्रकाशित किया गया है।)






