कोरबा RTO में अनियमितताओं के आरोप, लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल; जांच की मांग तेज

- कोरबा मे मनीष मोदी और धीरज देवांगन का महाफर्जीवाड़ा, नियम ताक पर रख 100 का लाइसेंस 200 में बेचा, कोरबा RTO में खुली लूट l
- कोरबा मे धीरज के नाम पर मनीष का अवैध खेल, शपथ-पत्र और नियमों की धज्जियां उड़ाकर बदला परिवहन केंद्र का भूगोल l
- अवैध वसूली और धोखाधड़ी का आरोप,धीरज देवांगन और मनीष मोदी की जुगलबंदी पर गिरी RTI की गाज
छत्तीसगढ़/कोरबा : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए कोरबा के टी.पी. नगर में धीरज परिवहन सुविधा केंद्र कोड CG-12/00021 द्वारा जनता की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है। शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू ने RTI से मिले पुख्ता दस्तावेजों के आधार पर जिला परिवहन अधिकारी DTO के पास 25/06/2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसने आरटीओ महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
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महाफर्जीवाड़े के 4 मुख्य बिंदु पर एक नजर
01 लोगो से 100 रुपए की जगह 200 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है, मार्गदर्शिका-2022 के अनुसार लर्निंग लाइसेंस का सेवा शुल्क मात्र 100 रुपए तय है, लेकिन यहाँ आवेदकों से 200 रुपए या उससे अधिक वसूले जा रहे हैं। इसकी ऑनलाइन पावती सबूत के तौर पर मौजूद है।
02 ऑनर कोई और, दुकान चला रहा कोई और ?
नियमों के विरुद्ध संचालक धीरज देवांगन ने यह केंद्र मनीष मोदी नाम के व्यक्ति को अवैध रूप से सौंप दिया है। आरोप है कि आरटीओ के शाखा प्रभारी संजय वस्त्रकार से मिलीभगत कर विभाग को गुमराह किया गया और नियम विरुद्ध तरीके से इसका नवीनीकरण कराया गया।
03 लोकेशन का बड़ा हेरफेर ?
ऑनलाइन रिकॉर्ड में पता काशी नगर दर्ज है, रिन्यूअल में राजू होटल के सामने दिखाया गया लेकिन धरातल पर केंद्र इन दोनों जगहों पर नहीं बल्कि किसी तीसरे ही अज्ञात स्थान पर अवैध रूप से संचालित हो रहा है।
04 सीसीटीवी और नियमों को ठेंगा ?
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर आईपीएस के कड़े निर्देशों के बावजूद टेस्ट रूम में न तो सीसीटीवी का पारदर्शी बैकअप है और न ही इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों का कोई हिसाब।
खुद के ही शपथ-पत्र में फंसे संचालक धीरज देवांगन ने 17-05-2022 को शपथ-पत्र देकर कसम खाई थी कि जानकारी असत्य पाए जाने पर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। अब जब उनका पता नियम और शर्तें पूरी तरह झूठी साबित हो चुकी हैं तो आरटीओ और जिला प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
भ्रष्टाचार और कुटरचना के इस मामले में शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने डीटीओ कोरबा से निम्नलिखित कड़ी कार्रवाई की मांग की है l
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1. धीरज परिवहन सुविधा केंद्र का लाइसेंस तत्काल रद्द हो।
2. 1 लाख रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर संचालक द्वारा विभाग में जमा की बैंक गारंटी तत्काल राजसात की जाए।
3. अवैध वसूली और धोखाधड़ी के मामले में धीरज देवांगन और मनीष मोदी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो।
4. गलत रिन्यूअल करने वाले शाखा प्रभारी संजय वस्त्रकार की उच्च स्तरीय जांच कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
बड़ा सवाल उठना तो लाजमी है ?
सबूतों और ऑनलाइन रसीदों के सामने आने के बाद क्या कोरबा जिला प्रशासन इस खुली लूट पर जागकर कार्रवाई करेगा या भ्रष्टाचार का यह खेल ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा?






