वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर दुघर्टना की न्यायिक जांच कराने, मृतकों को एक करोड़, घायलों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने सीटू श्रमिक संगठन ने की मांग
सतपाल सिंह

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर दुघर्टना की न्यायिक जांच कराने, मृतकों को एक करोड़, घायलों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने सीटू श्रमिक संगठन ने की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश के सक्ती जिले अंतर्गत सिंघीतराई ग्राम में स्थित वेदांता पावर प्लांट में बीते दिन बॉयलर दुघर्टना में मारे गए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सीटू श्रमिक संगठन ने इसके लिए प्रबंधन और राज्य सरकार तथा श्रम विभाग को दोषी ठहराते हुए इस घटना की न्यायिक जांच किए जाने की मांग की है
सीदू राज्य समिति ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि तथा आश्रित परिवार के एक सदस्य को प्लांट में स्थाई नियुक्ति देने की भी मांग की है।
सीटू राज्य समिति ने कहा कि इस भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके को न केवल दहला दिया बल्कि इसने देश और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और चरित्र को उजागर कर दिया है, जिसमें मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के ठेकेदार के निर्मम शोषण और मालिकों की लूट के लिए पाशविक स्थिति में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सीटू ने पूरे प्रदेश में श्रम विभाग, औद्योगिक सुरक्षा विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा नें मजदूरों की जान को दांव पर लगाकर इन सभी इकाईयों को पंगु बना दिया है। छत्तीसगढ़ में बढ़ते औद्योगिक दुर्घटना और इसमें गरीब मजदूरों की चढ़ रही बलि इसका प्रमाण है। उसके ऊपर भाजपा द्वारा श्रम कानून को समाप्त कर श्रम संहिता में बदलने का प्रयास हो रहा है जो इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेवार है। सीटू ने कहा कि मृतकों की संख्या जो बताई जा रही है वह इससे कई गुना ज्यादा होगी जिसे सरकार छिपा रही है, यह प्लांट पहले एथेना कंपनी चलाती थी, जिसे वेदांता ने खरीदा, उसका कोई समय पर मेंटेनेंस नहीं होता था, केवल यही नहीं उसकी क्षमता से अधिक दोहन हो रहा था, कौन उसकी जांच करता था, सीटू ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या इसके लिए कोई जवाबदेही तय होगी या फिर लीपापोती कर इन हादसों के बाद किसी और हादसे का इंतजार होगा । अब तक वेदांता प्रबंधन, ठेका कंपनी पर कोई एफ आई आर हुआ, कोई गिरफ्तारी हुई, इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद श्रम मंत्री कहां है। सीटू ने कहा कि यही कारण है पूरे देश में पानीपत से लेकर नोएडा तक भाजपा राज में मजदूरों का गुस्सा सामने आ रहा है। यह दुर्घटना नहीं मजदूरों की हत्या का मामला है और इसके खिलाफ पूरे प्रदेश के श्रमिक उचित कार्यवाही न होने पर उग्र आंदोलन करेंगे। सीटू ने घायलों को निःशुल्क इलाज और न्यूनतम 25 लाख रुपए प्रदान करने की भी मांग करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए अपना एक दल घटनास्थल और श्रमिकों से मिलने भेजने का भी फैसला किया है। उक्त बातें प्रेस के माध्यम से एस एन बैनर्जी,महासचिव सीटू, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रेषित की गई हैं ।





