कोरबा में करोड़ों की लागत से बना रेलवे अंडर ब्रिज बना जी का जंजाल: यात्री बस खराब होने से लगा घंटों लंबा जाम, सकरे निर्माण के खिलाफ फूटा राहगीरों का आक्रोश
सतपाल सिंह
कोरबा में करोड़ों की लागत से बना रेलवे अंडर ब्रिज बना जी का जंजाल: यात्री बस खराब होने से लगा घंटों लंबा जाम, सकरे निर्माण के खिलाफ फूटा राहगीरों का आक्रोश

कुसमुंडा-कुचेना मार्ग पर राहगीर रोज हो रहे परेशान, स्थानीय नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कोरबा। कोरबा जिले को गेवरा-दीपका से सीधे जोड़ने वाले कुसमुंडा-कुचेना मार्ग पर बना नवनिर्मित रेलवे अंडर ब्रिज पहले दिन से ही राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। इसके अत्यधिक सकरे (कम चौड़े) होने के कारण यहाँ आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इस अंडर ब्रिज की चौड़ाई इतनी कम है कि एक समय में केवल एक ही बड़ी बस या ट्रक पार हो सकता है। यदि विपरीत दिशा से दूसरा बड़ा वाहन आ जाए, तो पूरा रास्ता ब्लॉक हो जाता है और वाहनों को पीछे करना पड़ता है।
गुरुवार शाम बस खराब होने से थमे पहिए – इसी अव्यवस्था के बीच गुरुवार की देर शाम अंडर ब्रिज के ठीक भीतर एक यात्री बस अचानक खराब हो गई। बस के बीच रास्ते में बंद होने से ब्रिज के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद स्थानीय युवकों ने सूझबूझ दिखाई और भारी मशक्कत के बाद बस को धक्का देकर अंडर ब्रिज की दीवार के किनारे सटाकर खड़ा किया। इसके बाद केवल हल्के वाहनों (दोपहिया और कारों) को एक-एक कर निकाला जा सका, जबकि अन्य बड़े वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को विभाग ने किया था नजरअंदाज – स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब इस अंडर ब्रिज का निर्माण चल रहा था, तभी उन्होंने इसके सकरे डिजाइन को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। यदि करोड़ों रुपयों की लागत से बन रहे इस ब्रिज को केवल कुछ फीट और चौड़ा कर दिया जाता, तो आज यह नौबत नहीं आती। विभागीय लापरवाही का खमियाजा अब रोज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण – गौरतलब है कि गेवरा-दीपका क्षेत्र के हजारों लोग प्रतिदिन कोरबा आने-जाने के लिए इसी मुख्य मार्ग और अंडर ब्रिज का उपयोग करते हैं। इस दैनिक समस्या से परेशान स्थानीय और जिला स्तर के नेता अब कलेक्टर से मिलकर इस मुद्दे पर ठोस समाधान की मांग करने की बात कह रहे हैं। राहगीरों और ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का कोई स्थाई हल नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यहाँ एक बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट: सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल।






