यूक्रेन में रूसी हमले से मचा हड़कंप, कीव समेत कई शहर निशाने पर; 24 लोगों की मौत, 60 घायल

रूस-यूक्रेन युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ रिहायशी इलाकों में भी भारी तबाही मच रही है। इसी बीच रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इसे एक दिन पहले यूक्रेन की ओर से रूस पर किए गए बड़े ड्रोन हमले का जवाब माना जा रहा है।
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक रूस ने राजधानी कीव समेत करीब एक दर्जन इलाकों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। इस भीषण हमले में 4 बच्चों समेत कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 60 लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में धमाकों के बाद आग लग गई और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।
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एक दिन पहले यूक्रेन ने रूस पर किया था बड़ा ड्रोन हमला
रूस के हमले से एक दिन पहले यूक्रेन ने मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों में करीब 650 विस्फोटक ड्रोन दागे थे। इस हमले में मॉस्को से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित मॉस्को ओब्लास्ट के एक बड़े ऑयल डिपो को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी।
यूक्रेन के इस हमले के बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। रूसी हमलों का असर यूक्रेन के कई शहरों में दिखाई दिया और कई जगह औद्योगिक तथा रिहायशी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
निप्रो में इंडस्ट्रियल यूनिट को भारी नुकसान
रूस की एयरस्ट्राइक में यूक्रेन की प्रमुख इंडस्ट्रियल सिटी निप्रो भी निशाने पर रही। शहर में मिसाइलों के गिरने के बाद कई जगह जोरदार धमाके हुए। हमले में एक प्रमुख इंडस्ट्रियल यूनिट को नुकसान पहुंचा, जबकि आसपास की कई इमारतें भी प्रभावित हुईं।
130 ड्रोन और 48 मिसाइलों से हमला
यूक्रेन की एयरफोर्स के अनुसार, रूस ने इस बड़े हमले में करीब 130 ड्रोन और 48 क्रूज एवं बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी एयरफोर्स ने दावा किया कि उसने इनमें से 161 हवाई लक्ष्यों को मार गिराया।
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस के संभावित बड़े हमले को लेकर पहले से ही इनपुट मौजूद था। इसी के आधार पर राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने एक दिन पहले लोगों को संभावित बड़े हमले के प्रति सतर्क किया था।
यूक्रेन के एयर डिफेंस के सामने बढ़ी चुनौती
यूक्रेन के लिए रूसी हमलों को पूरी तरह रोकना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। इसकी एक बड़ी वजह रूस के नए जेट-पावर्ड गेरान ड्रोन बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस इन नए ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है।
यूक्रेन के सामने इंटरसेप्टर मिसाइलों की उपलब्धता भी एक चुनौती बनी हुई है। नए जेट-पावर्ड ड्रोन पुराने पिस्टन इंजन वाले ड्रोन की तुलना में अधिक तेज गति से उड़ते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक और इंटरसेप्ट करना मुश्किल हो सकता है।
गेरान-5 ड्रोन ने बढ़ाई यूक्रेन की चिंता
रूस का गेरान-5 एक जेट-पावर्ड सुसाइड ड्रोन बताया जाता है, जिसे कम लागत वाली क्रूज मिसाइल की तरह इस्तेमाल करने के लिए विकसित किया गया है। इसमें टर्बोजेट इंजन लगा है और इसकी अनुमानित रफ्तार 450 से 600 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई जाती है।
रिपोर्टों के अनुसार, इसकी स्ट्राइक रेंज करीब 950 से 1,000 किलोमीटर तक हो सकती है और यह लगभग 90 किलोग्राम का विस्फोटक वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी अधिकतम उड़ान ऊंचाई करीब 5,000 से 6,000 मीटर बताई जाती है।
कीव में भी बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन अटैक
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को भी बड़े पैमाने पर निशाना बनाया। राजधानी के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद धमाके हुए। रिहायशी इमारतों के अलावा कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के हमलों में मुख्य रूप से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया। उनका आरोप है कि रूस बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने और लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
इन इलाकों में भी दिखा रूसी हमले का असर
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कीव के अलावा पोल्टावा, निप्रॉपेट्रोस, खार्किव और चेर्निहाइव समेत कई क्षेत्रों में भी रूसी हमलों का असर दिखाई दिया। कई स्थानों पर विस्फोट के बाद आग लग गई और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।
इस बीच, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। पुतिन ने यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले देखने को मिले हैं।





