
Jabalpur Cruise Hadsa : 30 अप्रैल का दिन मध्य प्रदेश और देशवासी शायद ही याद करना चाहेंगे. बरगी डैम में तूफान से हारकर क्रूज पलटी और इसी के साथ कई जिंदगियां दफ्न हो गईं. मौत का आंकड़ा लगभग 13 पहुंच गया है और अब मामला जबलपुर हाई कोर्ट भी पहुंचा. कोर्ट ने इसपर नाव चालक को ही हादसे का दोषी माना है. अदालत ने कड़ी फटकार लगाते हुए क्रूज के ड्राइवर को आपराधिक कृत्य करने वाला और गैर जिम्मेदाराना करार दिया. कोर्ट का कहना है कि क्रूज का पायलट उस वक्त खुद को बचाने के चक्कर में भगकर निकल गया और बाकियों को मरने के लिए छोड़ गया.
जबलपुर हाईकोर्ट के निशाने पर क्रूज का ड्राइवर
बरगी डैम हादसे पर जबलपुर हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि 30 अप्रैल को हादसे वाले दिन शाम करीब 5:30 से 6:30 बजे के करीब बरगी क्षेत्र में नाव चालक ने लापरवाहीपूर्वक नाव चलाई. इसी के चलते वान डूब गई और लोग मारे गए. कोर्ट ने यह भी पाया कि नाव चालक को नाव संचालन का पूरा अनुभव होने के बावजूद उसने डूबते हुए यात्रियों की मदद नहीं की. वह स्वयं को बचाकर निकल गया और किसी को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया. अदालत ने इस आचरण को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और आपराधिक प्रकृति का बताया.
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चालक और क्रू के खिलाफ कड़े ऐक्शन लेने के निर्देश
जबलपुर हाई कोर्ट चाहता है और उसने स्पष्ट निर्देश भी दिए हैं कि चालक और क्रू के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 106 और 110 के तहत मामला दर्ज करिए. कोर्ट का मानना है कि अगर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवा नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं. समाज में कड़ा संदेश देना जरूरी है. जबलपुर हाई कोर्ट ने बरगी थामा प्रभारी के प्रति सख्ती दिखाते हुए उन्हें दो वर्किंग डे के अंदर FIR दर्ज कर जांच शुरू करने को कहा है. इसके बाद पुलिस को पूरे ऐक्शन की रिपोर्ट भी जल्द से जल्द कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी. कोर्ट ने हालांकि हादसे के दिन लोगों की मदद करने वाले देवदूतों की भी तारीफ की. कहा कि आपने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.






