Iran-US Tension: ईरान ने ट्रंप पर कसा तंज, भारतीय फिल्म के क्लिप से दिया जवाब, कहा- लगता है बॉलीवुड मूवी देख रहे हैं

Iran-US Tension: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प ‘मीम वार’ देखने को मिला है। जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसने के लिए भारतीय तेलुगू फिल्म का एक क्लिप शेयर किया है। इस वीडियो में अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण भारी गोलीबारी के बीच भी सुरक्षित नजर आते हैं।
तेलुगू फिल्म के सीन से ट्रंप पर तंज
जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने एक्स पर ‘भगवंत केसरी’ फिल्म का करीब 58 सेकंड का क्लिप पोस्ट किया। वीडियो में नंदमुरी बालकृष्ण का किरदार गोलियों की बौछार के बीच दिखाई देता है, लेकिन उन पर गोलियों का कोई असर नहीं होता।
इस वीडियो के जरिए ईरानी दूतावास ने ट्रंप की उस धमकी पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने ईरान को पूरी तरह खत्म करने की बात कही थी। दूतावास ने पोस्ट में कहा कि ईरान बेबस नहीं है और व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि जब से यह बात बताई गई है, तब से ट्रंप हॉलीवुड के बजाय बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं।
Trump talks about annihilating Iran.
But he knows Iran is not defenseless.
Since we informed they have recently been watching Bollywood instead of Hollywood. pic.twitter.com/v6Le8zkH5X
— Iran Embassy in Zimbabwe (@IRANinZIMBABWE) September 23, 2026
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी लिए मजे
ईरानी दूतावास की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने वीडियो को मजेदार बताया, जबकि एक यूजर ने कमेंट किया कि यह वीडियो देखकर ‘ताऊ’ नाराज हो जाएंगे।
एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ईरानी दूतावास ने बालकृष्ण की फिल्म के एक जबरदस्त सीन को ‘विदेश नीति’ बना दिया है। यूजर ने आगे हॉलीवुड और टॉलीवुड को लेकर भी चुटकी ली।
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जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप प्रशासन पर उठाए सवाल
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय हालात के संदर्भ में ट्रंप प्रशासन की रणनीति की आलोचना की।
बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के पास क्षेत्र को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं है और अलग-अलग भू-राजनीतिक मुद्दों को एक-दूसरे से जोड़कर देखने के बजाय अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है।





