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FSSAI Licence Suspended: AAA Blues Pure ग्रेन वोदका और ग्रेन व्हिस्की बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई, जानें क्यों सस्पेंड हुआ लाइसेंस

FSSAI Licence Suspended: खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के मामलों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में AAA Blues Pure Grain Vodka और AAA Blues Pure Grain Whisky बनाने वाली कंपनी मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

FSSAI की टीम ने डिस्टिलरी परिसर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उत्पादन इकाई में कई गंभीर और क्रिटिकल कमियां सामने आईं। निरीक्षण में एक्सपायर्ड फ्लेवर्स और कलर्स का इस्तेमाल, बोतल रिंसर पर ग्रीस और धूल की मोटी परत, टूटे हुए कांच के टुकड़े और परिसर में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं।

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FSSAI ने कंपनी को निलंबन अवधि के दौरान सभी खाद्य एवं पेय उत्पादन गतिविधियां तत्काल बंद करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है।

AAA Blues Pure कंपनी का प्रमुख ब्रांड

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड पेय पदार्थों के निर्माण के साथ-साथ B2B बाजार में औद्योगिक अल्कोहल की आपूर्ति करती है। कंपनी के प्रमुख लिकर ब्रांडों में AAA Blues Pure शामिल है।

हिमाचल प्रदेश आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस ब्रांड के तहत AAA Blues Pure Grain Vodka और AAA Blues Pure Grain Whisky जैसे उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी विकृत इथेनॉल, एथिल अल्कोहल और परिशोधित स्पिरिट जैसे औद्योगिक उत्पादों का भी निर्माण और वितरण करती है।

निरीक्षण में मिलीं ये बड़ी खामियां

FSSAI की जांच टीम को डिस्टिलरी परिसर में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और संचालन से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • मादक पेय पदार्थों के निर्माण में एक्सपायर्ड फ्लेवर्स और कलर्स का इस्तेमाल पाया गया।
  • ब्लेंडेड टैंक उचित तरीके से बंद नहीं था।
  • बोतलों की सफाई करने वाले रिंसर पर ग्रीस और धूल की मोटी परत मिली।
  • परिसर में टूटे हुए कांच के टुकड़े पाए गए और उचित ग्लास पॉलिसी लागू नहीं थी।
  • केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण के नोटिस के बावजूद लिकर उत्पादों के लेबल में जरूरी बदलाव नहीं किए गए थे।
  • दरवाजों की फिटिंग खराब, रोशनी अपर्याप्त और काम करने की जगह कम पाई गई।
  • दीवारों से पेंट और प्लास्टर उखड़ा हुआ था।
  • पैकिंग व्यवस्था और व्यक्तिगत स्वच्छता में कमियां मिलीं।
  • पेस्ट कंट्रोल से जुड़ी व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी।
  • कर्मचारियों के मेडिकल परीक्षण और टीकाकरण से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।
  • प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, कस्टमर कंप्लेंट हैंडलिंग और नियमित फूड सेफ्टी ऑडिट से जुड़े नियमों का भी पर्याप्त पालन नहीं मिला।

15 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित

निरीक्षण में सामने आई गंभीर कमियों को देखते हुए FSSAI ने पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कंपनी को इस अवधि में सभी संबंधित खाद्य और पेय उत्पादन गतिविधियां बंद रखने तथा कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।

किन परिस्थितियों में FSSAI लाइसेंस पर हो सकती है कार्रवाई?

खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर FSSAI की ओर से लाइसेंस के खिलाफ निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में मिलावट, असुरक्षित खाद्य पदार्थों का उत्पादन, निरीक्षण में सहयोग नहीं करना या निर्धारित लाइसेंस के बाहर खाद्य गतिविधियां करना भी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

इसके अलावा, नियमों के तहत व्यवसायियों को निर्धारित शुल्क और आवश्यक अनुपालन भी पूरा करना होता है। इनका पालन नहीं होने पर भी लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है।

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लाइसेंस रद्द होने से पहले मिलता है जवाब देने का मौका

लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया में संबंधित व्यवसायी को सामान्यतः नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। व्यवसायी अपनी सफाई और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सक्षम प्राधिकरण आगे की कार्रवाई कर सकता है।

लाइसेंस निलंबित या रद्द होने की स्थिति में संबंधित खाद्य कारोबार को आदेश के अनुसार गतिविधियां बंद करनी होती हैं। वैध लाइसेंस के बिना खाद्य कारोबार जारी रखने पर कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

कार्रवाई के खिलाफ अपील का अधिकार

यदि किसी खाद्य कारोबारी को लगता है कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है, तो वह निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील कर सकता है। इसके लिए संबंधित आदेश में दिए गए प्रावधानों और समय-सीमा का पालन करना जरूरी होता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026