CG News: सरकारी स्कूल के शिक्षक पर गंभीर आरोप! मोबाइल में व्यस्त रहने से लेकर छात्रा से अनुचित व्यवहार की शिकायत

सक्ती : जिले के चंद्रपुर तहसील क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक कैलाश पटेल की कार्यशैली और आचरण को लेकर ग्रामीणों एवं पालकों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है। शिकायत में शिक्षक पर बच्चों की पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतने, विद्यालयीन समय में मोबाइल फोन में व्यस्त रहने और विद्यार्थियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिक्षक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते और अधिकांश समय मोबाइल फोन चलाते रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इससे विद्यालय की अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बच्चों को पढ़ाने के लिए कहने पर उन्हें कथित तौर पर फटकार लगाए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
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छात्रा ने लगाए अनुचित व्यवहार के आरोप
मामले में एक छात्रा ने शिक्षक पर कॉपी चेक कराने के दौरान उसे कथित रूप से गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है। छात्रा के अनुसार, शिक्षक पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते और कॉपी दिखाने के दौरान उनके व्यवहार को लेकर उसे आपत्ति हुई।
हालांकि, छात्रा द्वारा लगाए गए इस आरोप की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए मामले की तथ्यात्मक और संवेदनशील जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
स्वीपर महिला को लेकर भी शिकायत
शिकायत में विद्यालय में कार्यरत स्वीपर महिला के साथ शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक और स्वीपर महिला के एक साथ बैठने को लेकर बच्चों ने भी अपनी आपत्तियां व्यक्त की हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
पूर्व पदस्थापना को लेकर भी ग्रामीणों का दावा
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में शिक्षक की पूर्व पदस्थापना का भी जिक्र किया है। उनका दावा है कि इससे पहले जहां शिक्षक पदस्थ थे, वहां भी उनके आचरण को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी, जिसके बाद उनका स्थानांतरण किया गया था। इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ग्रामीणों और पालकों ने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ ही विद्यालय की स्थिति की जांच कराने की अपील की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।





