कोरबा – शासकीय स्कूल में दिया कोरबा द्वारा डिवाइन वर्कशॉप का आयोजन, 800 छात्रों ने लिया नशा न करने का संकल्प

- कोरबा -शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुनगाडीह, विकासखंड-पाली, जिला-कोरबा में दिया कोरबा के द्वारा डिवाइन वर्कशॉप का आयोजन।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में व्यसनमुक्त, संस्कारित एवं लक्ष्यनिष्ठ जीवन की प्रेरणा जागृत करना रहा। परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दिव्य विचारों एवं साहित्य के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि युवा केवल अपना भविष्य नहीं बनाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का भी निर्माता होता है।
कार्यशाला में गुरुदेव के संदेश—”हम बदलेंगे, युग बदलेगा” तथा “विचारों का परिष्कार ही जीवन का वास्तविक परिवर्तन है”—को आधार बनाकर युवाओं को नशा, कुसंग और दुर्व्यसनों से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। साथ ही उन्हें यह समझाया गया कि उपासना से आत्मबल, साधना से व्यक्तित्व का परिष्कार और आराधना से समाज व राष्ट्र की सेवा का भाव विकसित होता है।
परम पूज्य गुरुदेव के अमूल्य साहित्य के माध्यम से विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, समय का सदुपयोग, अनुशासन, चरित्र निर्माण, सकारात्मक चिंतन एवं आत्मविश्वास का महत्व समझाया गया। उन्हें प्रेरित किया गया कि वे अपने जीवन का एक श्रेष्ठ लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए नियमित अध्ययन, आत्मसंयम, सदाचार तथा सेवा को जीवन का आधार बनाएं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि गुरुदेव का संपूर्ण जीवन “मनुष्य में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग का अवतरण” के महान अभियान को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। इसी उद्देश्य से अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया” के कार्यकर्ता विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में डिवाइन वर्कशॉप आयोजित कर नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, नैतिकता, सांस्कृतिक चेतना, व्यसनमुक्ति तथा उत्कृष्ट जीवन मूल्यों का प्रकाश फैला रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का संचालन अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया” कोरबा के जिला संयोजक श्री विजेंद्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दिव्य विचारों एवं प्रेरणादायी संदेशों के साथ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को गुरुदेव के जीवन-दर्शन एवं साहित्य से अवगत कराते हुए बताया गया कि “युवा शक्ति ही युग परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है।” गुरुदेव के विचार—”हम बदलेंगे, युग बदलेगा” तथा “मनुष्य में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग का अवतरण”—को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।
श्री विजेंद्र यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परम पूज्य गुरुदेव का साहित्य केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त, अनुशासित, संस्कारित एवं लक्ष्यनिष्ठ जीवन अपनाने का आग्रह किया। गुरुदेव के दिव्य साहित्य एवं प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, नैतिकता, आत्मविश्वास, सेवा-भाव तथा श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण का नवीन संचार हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने श्रेष्ठ जीवन जीने, नशामुक्त रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
सुश्री सविता साहू (नारी शक्ति प्रमुख) ने कहा की
“परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का संदेश है— ‘युग परिवर्तन का आधार जागृत नारी शक्ति और संस्कारित युवा हैं।’ इसी संकल्प को लेकर सुश्री सविता साहू ने छात्राओं एवं विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, संस्कार, नशामुक्ति और राष्ट्रनिर्माण का संदेश दिया।”
🔸 कन्हैयालाल चौहान
“गुरुदेव कहा करते थे— ‘विचारों का परिष्कार ही जीवन का वास्तविक निर्माण है।’ इसी प्रेरणा से श्री कन्हैयालाल चौहान ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, सदाचार, आत्मानुशासन एवं श्रेष्ठ जीवन मूल्यों का मार्ग बताया।”
🔸 पर्यावरण संरक्षण तथा व्यसन मुक्ति आंदोलन प्रमुख रामफल पटेल , ने
“परम पूज्य गुरुदेव का आह्वान था— ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा।’ इसी मंत्र को जीवन में उतारते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, व्यसनमुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरण के लिए प्रेरित किया।”
अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन ‘दिया’ कोरबा के कार्यकर्ता परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों एवं दिशा-निर्देशों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सतत कार्यरत हैं। विद्यालयों में आयोजित डिवाइन वर्कशॉप के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, व्यसनमुक्ति एवं व्यक्तित्व विकास की चेतना जागृत की जा रही है, ताकि वे श्रेष्ठ नागरिक बनकर उज्ज्वल भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
प्राचार्य रामगोपाल साहू सहित रेखा चंद्रे, संगीता नरकार, हीरालाल प्रजापति, निर्मला पटेल, लखन पटेल ,हेमलाल वर्मन, पद्मालता साहू, योगेश द्विवेदी, विमला देवांगन, प्रिया तिवारी एवं बसनी मिर्धा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सभी शिक्षकगण ने कार्यशाला में विद्यार्थियों को दिए गए नशामुक्ति, व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण, नैतिक शिक्षा एवं परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के प्रेरणादायक विचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।





