छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट, ACS ने की हाईलेवल बैठक; कलेक्टरों को दिए सतर्कता के निर्देश

रायपुर : बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में पड़ने की आशंका को देखते हुए राज्य शासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें 27 से 29 अक्टूबर तक की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
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शून्य जनहानि सुनिश्चित करने पर जोर
बैठक में चक्रवात से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे करने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में सतर्कता बढ़ाने को कहा गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए राहत शिविरों को 24 घंटे तैयार रखने और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाएं सुचारू बनाए रखने के साथ गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह जारी करने तथा फसलों और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाने के उपाय करने के निर्देश दिए गए। स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली, सड़क और संचार सेवाओं पर भी नजर
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने संभावित नुकसान से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत बताई। तेज हवाओं से कच्चे मकानों को होने वाले नुकसान का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बिजली के खंभे गिरने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई, दूरसंचार सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और सड़कों पर पेड़ गिरने की स्थिति में उन्हें जल्द हटाने के इंतजाम करने को कहा गया है। इसके अलावा होर्डिंग्स और अन्य असुरक्षित संरचनाओं की भी जांच करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। राज्य शासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।





