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AI Voice Scam से रहें सावधान! आवाज बदलकर हो रहा फ्रॉड, एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

AI Voice Scam: अगर किसी करीबी या जान-पहचान वाले का फोन आए और वह अचानक पैसे की मदद मांगे, तो जल्दबाजी में रकम ट्रांसफर करने से बचें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है। इसमें AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल तैयार कर उसके परिचितों को फोन किया जाता है और इमरजेंसी के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं।

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ऑनलाइन फ्रॉड अब सिर्फ फर्जी SMS, WhatsApp मैसेज, ई-मेल, लिंक या APK फाइल तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। AI टूल्स की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज को क्लोन कर उसी अंदाज में बातचीत की जा सकती है। इसके बाद अपराधी पीड़ित के परिवार, दोस्तों या परिचितों को फोन कर खुद को वही व्यक्ति बताकर आर्थिक मदद मांगते हैं।

कैसे होती है AI Voice Cloning?

वॉइस क्लोनिंग के लिए साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो, रील्स और शॉर्ट्स से किसी व्यक्ति की आवाज का सैंपल हासिल कर सकते हैं। AI टूल्स की मदद से इस आवाज के आधार पर ऐसी सिंथेटिक आवाज तैयार की जाती है, जो काफी हद तक असली व्यक्ति जैसी सुनाई दे सकती है।

इसके बाद इस क्लोन की गई आवाज का इस्तेमाल कॉल या वॉइस मैसेज के जरिए किया जाता है। अपराधी किसी परेशानी, दुर्घटना, इमरजेंसी या तत्काल जरूरत का बहाना बनाकर सामने वाले से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। कई बार वे जल्द से जल्द भुगतान करने का दबाव भी बना सकते हैं।

विशेषज्ञ ने बताया क्या है खतरा?

इस तरह के खतरे को समझने के लिए FonadaLabs के को-फाउंडर नीतिश गोपलानी से बात की गई। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी आवाज क्लोन किए जाने पर धोखाधड़ी का खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि वॉइस क्लोनिंग के इस्तेमाल को सुरक्षित बनाने के लिए लाइव ह्यूमन वेरिफिकेशन और KYC जैसे सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। एंटरप्राइज स्तर पर सत्यापित अकाउंट और उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाना भी महत्वपूर्ण है।

AI Voice Fraud से कैसे बचें?

ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि फोन पर मिली किसी भी अचानक पैसे की मांग पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई करीबी व्यक्ति पैसे मांग रहा है, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।

इन बातों का रखें ध्यान:

  • परिवार और करीबी दोस्तों के बीच एक सीक्रेट कोडवर्ड तय कर सकते हैं।
  • पैसे भेजने से पहले फोन करने वाले से कोडवर्ड पूछकर पहचान की पुष्टि करें।
  • किसी इमरजेंसी के नाम पर जल्दबाजी में ट्रांजैक्शन न करें।
  • फोन पर मिले निर्देशों के आधार पर OTP, PIN या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
  • सोशल मीडिया पर अपनी आवाज वाले वीडियो और अन्य कंटेंट को जरूरत के मुताबिक ही सार्वजनिक रखें।
  • संदिग्ध कॉल आने पर संबंधित व्यक्ति को उसके पुराने या सेव नंबर पर अलग से कॉल करके पुष्टि करें।

ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर AI Voice Scam या किसी अन्य साइबर फ्रॉड में पैसे चले जाते हैं, तो बिना देरी किए इसकी शिकायत करें। भारत में साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। इसके अलावा साइबर फ्रॉड के मामले में 1930 हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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संदिग्ध मोबाइल नंबर, मैसेज या संचार से जुड़े मामलों की रिपोर्ट संचार साथी के माध्यम से भी की जा सकती है।

AI के दौर में आवाज को देखकर या सुनकर ही किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। खासकर पैसे से जुड़े मामलों में पहचान की दोबारा पुष्टि करना ही सबसे जरूरी सावधानी है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026