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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद प्लेन क्रैश केस में नया ट्विस्ट, FIP ने उठाए जांच पर सवाल, AAIB से दोबारा जांच की मांग; क्या सामने आएंगे नए तथ्य?

Ahmedabad Plane Crash: एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 क्रैश मामले में पायलट संगठन ने बड़ी मांग की है. अहमदाबाद में एक साल पहले हुए इस हादसे में ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स’ ने दुर्घटना जांच ब्यूरो AAIB को पत्र लिखा है. जिसमें कुछ अहम सवाल उठाए गए हैं. पत्र के जरिए शुरुआती जांच रिपोर्ट में आई तकनीकी जानकारियों को चुनौती दी गई है. पायलट संगठन का दावा है कि सरकारी एजेंसी की रिपोर्ट और हाल ही में किए गए सिम्युलेटर टेस्ट के नतीजों में 14 सेकंड का एक बड़ा अंतर सामने आया है. जो पूरी जांच की दिशा बदल सकता है. अगर दोबारा जांच शुरू होती है तो कुछ और अहम जानकारियां सामने आ सकती है. इसलिए जांच के बाद ही पायलट सुसाइड जैसी अटकलों पर बात होनी चाहिए.

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पायलट संगठन के पत्र में बड़ा दावा 

पायलट संगठन के अध्यक्ष कैप्टन सी एस रंधावा ने AAIB को जो पत्र भेजा है. उसमें कहा है कि उन्हें अमेरिका की कानूनी फर्म बीजली एलन के वकील डी माइकल एंड्रयूज का पत्र मिला है. इस लेटर में दावा किया गया है कि बोइंग-787 विमान पर किए गए सिम्युलेटर परीक्षण की AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताई गई समय-सीमा का समर्थन नहीं करते है. क्योंकि विवाद का मुख्य मुद्दा विमान के RAT सिस्टम से जुड़ा है. AAIB की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार ईंधन आपूर्ति बाधित होने के लगभग 4 से 5 सेकंड बाद RAT ने हाइड्रोलिक पावर देना शुरू किया था.  लेकिन सिम्युलेटर परीक्षणों में यह समय करीब 18 सेकंड पाया गया। यानी दोनों के बीच लगभग 14 सेकंड का अंतर सामने आया है. FIP का कहना है कि यदि सिम्युलेटर परीक्षण सही हैं और वास्तविक परिस्थितियों का सही प्रतिनिधित्व करते हैं, तो इससे यह संभावना बनती है कि RAT ईंधन आपूर्ति बाधित होने से पहले ही सक्रिय हो चुका था. ऐसा होने पर यह संकेत मिल सकता है कि विमान में पहले से कोई विद्युत या तकनीकी खराबी मौजूद थी.

तेज धमाके की सुनी गई थी आवाज

FIP संगठन ने यह भी दावा किया है कि कुछ वीडियो और तस्वीरों में RAT टेकऑफ के तुरंत बाद ही नहीं, बल्कि रनवे पर विमान के उड़ान भरने से ठीक पहले भी बाहर निकला हुआ दिखाई देता है. अगर यह सही साबित होता है तो दुर्घटना की घटनाक्रम संबंधी समय-रेखा पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं. पत्र में कहा गया है कि दुर्घटना से पहले विमान से कई ACARS मेंटेनेंस संदेश भेजे गए थे. घटना में जो यात्री जिंदा बचे थे. उन्होंने तेज धमाके जैसी आवाज और केबिन में रोशनी कम होने जैसी बातों का जिक्र किया था. इन सभी तथ्यों को एक साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी विद्युत प्रणाली की खराबी तो इस घटना की बड़ी वजह तो नहीं थी.

बोइंग-787 के सिम्युलेटर परीक्षण की मांग

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने AAIB से बोइंग 787 के व्यापक सिम्युलेटर परीक्षण कराए जाने की मांग की है. इन परीक्षणों में FIP के एक पर्यवेक्षक को शामिल किए जाने की मांग की है. इसके अलावा RAT की तैनाती, हाइड्रोलिक पावर उपलब्ध होने और फ्यूल कंट्रोल स्विच की गतिविधि के बीच संबंध की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जो सुरक्षा कैमरे लगे थे, उनके वीडियो फुटेज की निष्पक्ष जांच के लिए उपलब्ध कराए जाए. एयर इंडिया और बोइंग से दुर्घटना से पहले भेजे गए तकनीकी संदेशों का पूरा विश्लेषण होना चाहिए. पायलट संगठन का कहना है कि यदि तकनीकी विसंगतियां मौजूद थी. तो इनकी जांच होना जरूरी है, क्योंकि समय रहते इन्हें उठाया नहीं गया है. संगठन की तरफ से यह भी कहा गया है कि जांच पूरी किए बिना ही पायलट सुसाइड जैसी अटकलों को नहीं देना चाहिए. क्योंकि अटकलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बढ़ावा मिलने से पायलट समुदाय की छवि पर असर पड़ा है. इसलिए अंतिम रिपोर्ट में सभी तकनीकी तथ्यों और सिम्युलेटर परीक्षणों को शामिल किया जाना चाहिए. पायलट संगठन ने पत्र की कॉपी पीएमओ, डीजी DGCA, नागरिक विमानन मंत्री और नागरिक विमानन सचिव को भी भेजा है.

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1 साल पहले हुई थी घटना 

बता दें कि एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 (AI171) 12 जून 2025 अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ाने भरने के कुछ सेकंड बाद ही हादसे का शिकार हो गई थी. फ्लाइट शहर के एक इलाके में गिरी थी. इस घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी. तीन दिन पहले इस घटना को एक साल पूरा हुआ है.

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026