CG केंद्रीय जेल में 55 वर्षीय महिला बंदी की मौत, परिजनों का पता नहीं; दो अलग-अलग पते से बढ़ी परेशानी

अंबिकापुर: अंबिकापुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध 55 वर्षीय महिला बंदी मथुरा यादव की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तबीयत खराब होने के बाद महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद अब उसके शव को परिजनों तक पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। जेल रिकॉर्ड में महिला के दो अलग-अलग पते दर्ज होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
19 फरवरी से केंद्रीय जेल में थी बंद
जानकारी के अनुसार, मथुरा यादव को 19 फरवरी 2026 को अंबिकापुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध किया गया था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत कई बार बिगड़ी, जिसके चलते उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने पर महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमआईसीयू में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
दस्तावेजों में मिले दो अलग-अलग पते
महिला बंदी के दस्तावेजों की जांच में रायगढ़ और सूरजपुर क्षेत्र के दो अलग-अलग पते सामने आए हैं। अलग-अलग पते दर्ज होने के कारण प्रशासन को उसके परिजनों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
जेल प्रशासन और पुलिस अब संबंधित थानों के माध्यम से दोनों संभावित क्षेत्रों में महिला के परिजनों की तलाश कर रही है। परिजनों से संपर्क स्थापित करने के लिए पुलिस स्तर पर भी प्रयास जारी हैं।
कलेक्टर और जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी गई जानकारी
महिला बंदी की मौत की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। मामले की जानकारी कलेक्टर और जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी भेजी गई है।
प्रशासन की ओर से महिला के परिजनों का जल्द पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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परिजनों के मिलने पर सौंपा जाएगा शव
प्रशासन के अनुसार, महिला के परिजनों का पता चलने और उनके अंबिकापुर पहुंचने के बाद नियमानुसार वीडियोग्राफी कराकर शव उन्हें सौंपा जाएगा।
फिलहाल पुलिस और संबंधित थानों के माध्यम से मथुरा यादव के परिजनों की तलाश की जा रही है। परिजनों का पता चलने के बाद ही शव को सुपुर्द करने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।





