*अर्नब चक्रवाती तूफान से सक्ती जिले में हो रही बारिश, लहलहाते धान की फसलें जमीन पर गिरी*
*अन्नदाता किसानों के माथे पर उभरी चिंता की लकीरें*

जिला रिपोर्टर उदय मधुकर
सक्ती बंगाल की खाड़ी में उठे समुद्री तूफ़ान अर्नब का असर हमारे सक।थी जिले में भी देखने को मिला है। इस चक्रवाती तूफान के चलते सक्ती जिले में भी लगातार दूसरे दिन भी दिनभर बारिश होती रही। इस दौरान हवाएं भी चलती रही। इसका सबसे ज्यादा नुकसान अन्नदाता किसान भाइयों को हुआ है। उनके खेतों में लहलहाते धान की फसल बारिश व तेज हवाओं के चलते जमीन पर गिर गई है वहीं खेतों में जल भराव से अब फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई है। इन हालातों में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट रूप से उभर आई है। जिले के गांवों में इन दिनों जहां कम अवधि वाले धान की फसलें टक्कर कटाई के तैयार हैं तो वहीं स्वर्णा सहित अन्य लंबी अवधि के धान की फसलों में भी सुनहरी बालियां निकलने शुरू हो गये हैं। ऐसे में लगातार तेज बारिश व हवाओं के थपेड़ों से धान की फसलें जमीन पर गिरने लगी हैं। इन हालातों में किसान भाइयों के सामने अपनी खेतों में गिरी फसल को बचाने की मुश्किल समस्या है। वहीं लहलहाते फसलों के जमीन में गिर जाने से उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है। जमीन गीली होने से कटाई में देरी हो सकती है इतना ही नहीं ज़मीन में बिछी धान को काटने में अधिक मेहनत भी करनी पड़ेगी वहीं बेमौसम बारिश से धान की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ेगा। वैसे भी किसान भाई अपनी फसल तैयार करने में खाद, बीज, कीटनाशक दवा, मजदूरी सहित अन्य कृषि कार्यों पर बहुत ज्यादा खर्च होने से आर्थिक भारके बोझ तले पहले ही दबे हुए हैं ऐसे में अब उन्हें मौसम की मार पड़ने से और भी ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। यहां कहना कतई गलत न होगा कि किसान भाइयों की महीनों की मेहनत पर कुछ घंटों की बारिश व तूफान ने बर्बाद कर दी है। यदि यह बारिश आगे भी जारी रहा तो स्थिति और भी भयावह होगी और किसान भाईयों को भारी से अति भारी नुक्सान पहुंचना तय है।





