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कुसमुंडा में निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने करोड़ों का टेंडर; नाले की शुरू हुई खुदाई, पुल का चौड़ीकरण कर भारी वाहन चलवाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा…

सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर...

कुसमुंडा में निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने करोड़ों का टेंडर; नाले की शुरू हुई खुदाई, पुल का चौड़ीकरण कर भारी वाहन चलवाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा…

इमली छापर ओवरब्रिज का काम बंद और कुचेना बायपास पर भारी वाहनों को चलाने की तैयारी: एक निजी कंपनी के फायदे के लिए कुसमुंडा की जनता को संकट में डालने का खेल ?

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प्रशासनिक शह पर कोयला परिवहन की तैयारी

कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में आवाजाही के लिए एकमात्र लाइफलाइन मानी जाने वाली कुचेना-लक्ष्मण नाला बायपास मार्ग पर एक निजी कंपनी द्वारा कोयला परिवहन के लिए भारी वाहन चलाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इसके लिए अलग से मार्ग का निर्माण कार्य किया जा चुका है। चूंकि कुछ जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के विरोध के बाद यह कार्य बेहद धीमा हो गया था, इसलिए अब इसे अलग तरीके से प्रशासनिक मदद लेकर काम में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में बीते शुक्रवार को इस मार्ग पर लक्ष्मण नाला पुल के नीचे एक भीमकाय पीसी मशीन (पोकलेन) उतरी और नाले के बड़े-बड़े पत्थरों को तोड़ते हुए उसके किनारों को काटने लगी।

करोड़ों का टेंडर और रेलवे साइडिंग का खेल

इस संबंध में जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि SECL कुसमुंडा के सिविल विभाग द्वारा यहां लगभग एक करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत नाले में बड़े-बड़े ह्यूम पाइप (Hume Pipe) डालकर लक्ष्मण नाला पुल का चौड़ीकरण किया जाएगा और उसके ऊपर मोटी कंक्रीट की परत बिछाई जाएगी। इसके अलावा, इसी मार्ग पर कुछ दूर आगे रेलवे पुल के नीचे भी ढलाई कर कंक्रीटीकरण किया जाएगा और इस पूरे बायपास मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। ऐसा क्यों किया जा रहा है? इसकी वजह साफ है—यहां दोनों रेलवे लाइन (कुसमुंडा से गेवरा और कुसमुंडा से पेंड्रा रोड) के बीच बन रहे रेलवे साइडिंग तक भारी वाहनों से कोयला पहुंचाना।

ठप पड़ा ओवरब्रिज और आम जनता की मुश्किलें

आपको बता दें कि इमली छापर रेलवे फाटक के लगातार बंद रहने की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग, जिनमें ड्यूटी जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चे, बैंक-अस्पताल और ऑफिस जाने वाले लोगों के अलावा ग्रामीण अंचल के नागरिक शामिल हैं, इसी मार्ग से कोरबा आवाजाही करते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर भी भारी वाहन चलने से आम लोगों की आवाजाही बंद हो जाएगी या फिर दुर्घटनाओं की आशंका बेहद बढ़ जाएगी। इधर इमली छापर में बनने वाले ओवरब्रिज का काम भी बंद पड़ा है, जिससे लोग आवाजाही के लिए इसी एकमात्र बायपास मार्ग के भरोसे हैं। इस मार्ग से न सिर्फ कुसमुंडा के स्थानीय लोग आवाजाही करते हैं, बल्कि हरदी बाजार और भिलाई बाजार क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामवासी भी कोरबा मुख्यालय से सीधे जुड़ने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

सरकारी जमीन और नाले पर अतिक्रमण का आरोप

आपको बता दें कि मुख्य मार्ग से रेलवे साइडिंग को सीधे जोड़ने के लिए इससे पूर्व कंपनी की निजी जमीन पर निगम द्वारा डब्ल्यूबीएम (WBM) मार्ग का निर्माण कराया गया है, जिस वजह से नाले पर भी अतिक्रमण कर दिया गया है; जबकि यहां SECL द्वारा पहले से ही निर्मित डामरीकृत मार्ग मौजूद है।

 चौड़ीकरण: जनता के विरोध की परीक्षा

कुसमुंडा क्षेत्र में ऐसा पहली बार होगा जब जनता की मांग के बिना ही सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है, और लोग भली-भांति समझ रहे हैं कि शासन-प्रशासन एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह खेल खेल रहा है। अब देखना यह होगा कि इस एकमात्र बायपास मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन का जो विरोध पहले से किया जा रहा था, वह सड़क और पुल के चौड़ीकरण के बाद भी बना रहता है या फिर इसे भी अन्य मार्गों की तरह स्वीकार कर लिया जाता है। लिंक पर जाकर देखें.. ग्राउंड जीरो की वीडियो… https://www.youtube.com/@humarakusmundaomgavel9110

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026