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स्ट्रोक के इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, समय पर पहचान बचा सकती है जान

आज की व्यस्त जीवनशैली में सिरदर्द, चक्कर आना, हाथ-पैरों में कमजोरी या अचानक संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याओं को अक्सर लोग थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शरीर में अचानक होने वाले ये बदलाव स्ट्रोक यानी ब्रेन अटैक के संकेत भी हो सकते हैं। स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा हो सकता है। ऐसे में इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है।

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स्ट्रोक क्यों होता है?

स्ट्रोक की स्थिति तब बनती है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है। इसके कारण दिमाग की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। यही वजह है कि स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी

स्ट्रोक का एक प्रमुख संकेत शरीर के किसी एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना है। खासकर चेहरे, हाथ या पैर में एक तरफ कमजोरी को गंभीरता से लेना चाहिए। कई मामलों में व्यक्ति का चेहरा एक तरफ झुक सकता है या मुस्कुराने पर चेहरे का एक हिस्सा सामान्य रूप से काम नहीं करता।

इसके अलावा अचानक बोलने में परेशानी, आवाज लड़खड़ाना या सामने वाले की बात समझने में दिक्कत होना भी स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं।

धुंधला दिखाई देना और संतुलन बिगड़ना

अगर किसी व्यक्ति को अचानक एक या दोनों आंखों से धुंधला दिखाई देने लगे, चलने में परेशानी हो या शरीर का संतुलन बिगड़ जाए, तो इसे सामान्य चक्कर या थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये भी स्ट्रोक के संभावित लक्षण हो सकते हैं।

अचानक तेज सिरदर्द भी हो सकता है संकेत

बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक बहुत तेज सिरदर्द होना भी कुछ मामलों में स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। इसके साथ उल्टी, बेहोशी या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन जैसी समस्या हो सकती है।

कई बार स्ट्रोक जैसे लक्षण कुछ ही समय में ठीक हो जाते हैं। हालांकि, इसे खतरा खत्म होना नहीं समझना चाहिए। ऐसी स्थिति ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIA) यानी मिनी स्ट्रोक हो सकती है, जिसे भविष्य में होने वाले बड़े स्ट्रोक की चेतावनी माना जाता है।

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किन लोगों में बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा?

स्ट्रोक का जोखिम कई कारणों से बढ़ सकता है। अस्वस्थ खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तंबाकू का सेवन, अधिक शराब और मोटापा इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल भी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे जरूरी स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है।

स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति में अचानक स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत मेडिकल मदद लें और उसे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाएं या एंबुलेंस बुलाएं। लक्षण किस समय शुरू हुए, इसका समय नोट करना भी जरूरी है, क्योंकि इलाज के दौरान यह जानकारी डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

बिना चिकित्सकीय सलाह के मरीज को कोई दवा देने से बचें। स्ट्रोक के मामले में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज कर इंतजार करना नुकसानदायक हो सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026