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Health and fitness

Ebola Outbreak In Congo: कांगो में इबोला का कहर! 2,325 मौतों और 5 हजार संक्रमण के बीच WHO ने जारी की गंभीर चेतावनी

Ebola Outbreak In Congo: अफ्रीका के देश कांगो में इबोला वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है. अब तक 2,325 लोगों की मौत हो चुकी है, इसी वजह से यह कांगो के इतिहास का सबसे खतरनाक इबोला प्रकोप बन गया है. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 4,945 पहुंच गई है. कांगो के नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 101 नए मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि यह अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप बनता जा रहा है.

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लगातार बढ़ रहे हैं मामले

कांगो के नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 101 नए मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि यह अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप बनता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने कहा कि अगर समय रहते बड़े स्तर पर कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.

पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया प्रकोप

2018 से 2020 में कांगो में इबोला से 2,299 लोगों की मौत हुई थी. यह नया प्रकोप उससे भी ज्यादा घातक है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर वायरस इसी रफ्तार से फैला तो यह 2014-2016 वाले पश्चिम अफ्रीका के इबोला से भी बड़ा हो सकता है. उस समय 11,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

इस बार क्यों ज्यादा खतरनाक है इबोला?

इस बार जो इबोला फैला है वो “बुंडिबुग्यो” नाम का स्ट्रेन है. इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई मंजूरशुदा वैक्सीन या प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था, दूरदराज के इलाके और सीमावर्ती क्षेत्रों में जारी संघर्ष के कारण मरीजों तक समय पर मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है.

क्या कोई वैक्सीन या इलाज मौजूद है?

फिलहाल इस स्ट्रेन के लिए कोई सरकारी वैक्सीन या दवा नहीं है. कुछ नई दवाओं और वैक्सीन पर टेस्ट चल रहे हैं. डॉक्टर देख रहे हैं कि पुरानी इबोला की दवाएं इस पर काम करती हैं या नहीं.

इबोला क्या है?

इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैल सकती है. इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में शरीर के अंदर या बाहर खून बहना शामिल हैं.

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कैसे फैलता है इबोला वायरस?

इबोला वायरस आमतौर पर जंगली जानवरों जैसे चमगादड़, साही, कुछ बंदर प्रजातियों से इंसानों में फैलता है. इसके बाद यह संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ, अंगों या अन्य स्राव के सीधे संपर्क से फैलता है. यह दूषित बिस्तर या कपड़ों से भी फैलता है.

क्या होते हैं इबोला वायरस के लक्षण

  • उल्टी की शिकायत हो सकती है.
  • कान, नाक या मुंह से खून आना
  • पेट में दर्द रहना
  • कमजोरी या फ्लू महसूस करना
  • शरीर के अलग-अगल हिस्सों में दर्द महसूस करना
  • शरीर के अलग अंगों पर फुंसी या निकल जाना भी इबोला के संकेतों की ओर इशारा कर सकता है.

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026