₹7 लाख लेकर जमीन दूसरे को बेच दी,कोरबा पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी को रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार
सतपाल सिंह

₹7 लाख लेकर जमीन दूसरे को बेच दी,कोरबा पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी को रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार
कोरबा। चौकी रजगामार एवं थाना बालकोनगर पुलिस ने ₹7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश से लौटते समय रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मकान, जमीन एवं मलबा बेचने का इकरारनामा कर शिकायतकर्ता से रकम लेने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराने तथा संबंधित जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध चेक बाउंस के तीन स्थायी वारंट भी लंबित थे।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता सिकंदर ने रजगामार चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हनुमान प्रसाद यादव (38), निवासी रजगामार एवं उसकी पत्नी अनीता यादव ने 22 नवंबर 2023 को मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री के संबंध में उसके साथ इकरारनामा किया था। इस सौदे के एवज में शिकायतकर्ता से ₹7 लाख की राशि प्राप्त की गई।
शिकायत के मुताबिक रकम लेने के बाद आरोपी पक्ष ने न तो शिकायतकर्ता के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराई और न ही इकरारनामे में शामिल मलबा उपलब्ध कराया। आरोप है कि जिस जमीन का सौदा शिकायतकर्ता के साथ किया गया था, उसे बाद में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। शिकायत के आधार पर रजगामार पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026 में धारा 420, 34 IPC के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड में घेराबंदी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस लौट रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और रतनपुर बस स्टैंड पर निगरानी बढ़ाई गई। आरोपी के बस से पहुंचते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया और विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
तीन स्थायी वारंट भी थे लंबित
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत न्यायालय द्वारा जारी तीन स्थायी वारंट लंबित थे। ये वारंट वर्ष 2022 एवं 2024 के चेक बाउंस से जुड़े मामलों में जारी किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद इन वारंटों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
न्यायालय ने 16 अक्टूबर तक भेजा न्यायिक रिमांड पर
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी को 2 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे 16 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
रजगामार पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी रजगामार प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह एवं प्रधान आरक्षक केरोबीन की विशेष भूमिका रही।
कोरबा पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों एवं लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामीली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे आरोपियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी एवं न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।





