*साहित्यकार सुरेश अजगल्ले की रचना साझा काव्य संग्रह ‘काव्य पराग’ में हुई प्रकाशित*
*साहित्यकार सुरेश अजगल्ले को मिला सोहन लाल द्विवेदी राष्ट्रीय सम्मान*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत मालखरौदा निवासी साहित्यकार सुरेश अजगल्ले की दो रचनाओं ‘प्रकृति के गर्भ से ‘ तथा ‘वक्त अनमोल है ‘ को इंकलाब पब्लिकेशन डोंबिवली, महाराष्ट्र से प्रकाशित साझा काव्य संग्रह ‘काव्य पराग ‘ में जगह मिली है। इससे उत्साहित साहित्यकार सुरेश अजगल्ले ने बताया कि वे लंबे समय से साहित्य सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके पास स्वलिखित बहुत सारे रचनाओं का संग्रह है। जिसे वे आगे आनेवाले दिनों में किताब के रूप में प्रकाशित कर आम जनता के लिए उपलब्ध कराएंगे। इधर साझा काव्य संकलन के प्रकाशन में अपनी लेखनी से उत्कृष्ट रचनात्मकता और भावपूर्ण योगदान के लिए इंकलाब पब्लिकेशन ने उन्हें सोहनलाल द्विवेदी राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया है। 7 जून 1970 को मालखरौदा में जन्मे सुरेश बताते हैं कि लेखन व पठन पाठन में उनकी बचपन से ही रूचि रही है। साहित्यकार सुरेश ने बताया कि उनके पिता स्व.रामसहाय अजगल्ले तथा नाना स्व.जनक राम बंजारे की रूचि भी लेखन में रही है जिसका असर उन पर भी पड़ा और वे भी अपने मन की भावों को कागज पर लिपिबद्ध करने लगे। वक्त के साथ धीरे -धीरे लेखन के प्रति उनका जुनून बढ़ता ही चला गया। साहित्यकार सुरेश अजगल्ले ने अपने इस कार्य में सहयोग प्रदान करने वाली अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कुसुमलता अजगल्ले को भी अपनी सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि इनके सहयोग बिना यह संभव ही नहीं था। बीएससी तथा हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर तक पढ़ाई किए सुरेश अजगल्ले वर्तमान में उद्यान विकास अधिकारी के रूप में डभरा विकासखंड के चुरतेली गांव में स्थापित शासकीय उद्यान रोपणी में पदस्थ हैं। शासकीय सेवा के साथ -साथ जब भी समय मिलता है उसका उपयोग वे साहित्य सृजन के रूप में करते हैं।





