कोरबा – सरस्वती शिशु मंदिर में नवीन आचार्य प्रशिक्षण शिविर से जून से 13 जून तक… देश निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष कार्यशाला..

कोरबा – सरस्वती शिशु मंदिर में नवीन आचार्य प्रशिक्षण शिविर से जून से 13 जून तक…
देश निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष कार्यशाला..
कोरबा – वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़ द्वारा कोरबा के सरस्वती शिशु मंदिर में प्रांतीय स्तर पर नवीन आचार्य प्रशिक्षण शिविर 2 जून से 13 जून तक आयोजित किया गया है। जिसमें आचार्यों को विभिन्न विषयों की जानकारी प्रशिक्षण में दी जा रही है। इसी क्रम में शिविर के छठवें दिन प्रशिक्षण विषय अंतर्गत भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का जागरण , युवा कौन , श्रेष्ठ व्यक्तित्व ही सफलता का आधार आदि महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कार्यशाला संपन्न की गई। जिसमें गायत्री परिवार युवा संगठन दिया डिवाइन ग्रुप कोरबा के प्रमुख वक्ताओं ने प्रशिक्षार्थियों के मध्य एक-एक कर विषयों को रखा। जिसमें युवा शाखा दिया छत्तीसगढ़ विस्तारक सुश्री सविता साहू ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आज युवा दिशा भटक रहा है। युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने आज शिक्षा के साथ ही साथ संस्कारों की स्थापना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ व्यक्तित्व ही सफलता का आधार स्तंभ है। उन्होंने युवा की परिभाषा बताते हुए कहा कि एक श्रेष्ठ युवा वही हो सकता है जिसमें धैर्य हो, जो बाधाओं को स्वयं दूर कर सके , जो विवेक को महत्व देता है , जो भाग्य पर नहीं कर्म पर विश्वास करता है वह युवा है, जो दूसरों का सम्मान करता है वह युवा है , असंभव जिसके शब्दकोश में नहीं वह युवा है, जिसके अंदर दया करुणा वह युवा है, जो सतत् राष्ट्रहित के लिए कार्य करता है राष्ट्र जागरण के कार्यों में योगदान देता है वह युवा है । युवा वह जो स्वावलंबी हो, युवा वह जो नशा मुक्त हो । एक युवा में यह सभी गुण होना चाहिए।आज ऐसे ही युवाओं की आवश्यकता है जो इस राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान दे सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मध्य युवाओं को प्रेरित करने दिया छत्तीसगढ़ वक्ता कविता कश्यप के द्वारा नौजवानों उठो वक्त यह कह रहा युवा जागरण गीत प्रस्तुत किया जिसके गीत के भाव ने सभी में सेवा और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणा भर दिए तत्पश्चात् दिया कोरबा के जिला सचिव श्रीमती नेहा सिंह ने भी प्रशिक्षार्थियों को भारतीय संस्कृति के महत्व के विषय में बताया और कहा की दुनिया की एकमात्र संस्कृति है जो संस्कारों की बात करती है जो जीवन निर्माण सिखाती है हम उस महान भारतीय संस्कृति के मानने वाले उस संस्कृति की पूजा करने वाले लोग हैं । भारतीय संस्कृति वह संस्कृति है जो दुनिया का मार्गदर्शन करती है और हम सभी भाग्यशाली हैं जो इस संस्कृति में जन्म लिए जहां संस्कार की बात होती है जहां ज्ञान की बात होती है, जहां सत्य की बात होती है , जहां कर्तव्य का ज्ञान होता है कार्यक्रम के अंत में दिया कोरबा राधिका कश्यप ने संस्कारों के महत्व को समझाते हुए संस्कारों की स्थापना पर बल दिया इस विशेष कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रशिक्षण ले रहे शिक्षक एवं गायत्री परिवार युवा दिया के वक्ता उपस्थित रहे जिसमें दिया विस्तारक सविता साहू , कविता कश्यप, नेहा सिंह , राधिका कश्यप, संस्था के प्रशिक्षण समन्वयक भरत लाल राठिया , तिलक राम नामदेव, राम यादव, पुष्प लाल, भुवनेश्वर कुलदीप , नरेश आदि शिक्षक की भी विशेष योगदान रहा ।





