Ambikapur Rape Murder Case: अम्बिकापुर रेप-मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या के बाद जिला छोड़कर भागा था आरोपी, कोरिया से गिरफ्तार

Ambikapur Rape Murder Case: अंबिकापुर में रेप और हत्या के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने कोरिया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी और तकनीकी जांच के आधार पर उसे दबोचा गया। आरोपी पर पुलिस ने 35,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा था और लोगों के बीच लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। यह मामला 3 अप्रैल को सामने आया था, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के महामाया मंदिर द्वार के पास एक महिला का रक्तरंजित शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ था। शव की स्थिति देखकर मौके पर पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया था और जांच शुरू की गई थी।
शुरुआती जांच में महिला के गले पर धारदार हथियार के निशान मिले थे और उसका चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया गया। साथ ही मौके से एक प्लास्टिक बोतल भी बरामद हुई थी, जो महिला के प्राइवेट पार्ट से मिलने के कारण रेप की आशंका को मजबूत कर रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसमें बताया गया कि महिला की 12 पसलियां पूरी तरह टूट चुकी थीं और कई पसलियां कई हिस्सों में बिखर गई थीं। इससे उसके फेफड़े और दिल को गंभीर क्षति पहुंची थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसके सिर की तीन हड्डियां टूटी हुई थीं और गले पर गहरे दबाव के निशान थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। जांच में पता चला कि मृतका की उम्र लगभग 45 वर्ष थी और उसके पति की मृत्यु करीब 10 साल पहले हो चुकी थी। इसके बाद वह परिवार से अलग रह रही थी और अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थी।
जहां उसका 25 वर्षीय बेटा भी रहता था। हालांकि दोनों के बीच दूरी बनी हुई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महिला के साथ उसका कथित प्रेमी भी कई महीनों से उसी किराए के घर में रह रहा था, जो खुद को ‘पुष्पा’ नाम से परिचित कराता था और उसका व्यवहार असामान्य बताया गया। दोनों नशे की हालत में रहते थे और कबाड़ बीनकर जीवन यापन करते थे। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था और कई जिलों में छिपता फिर रहा था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों ने भी प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने 7 अप्रैल को शहर में कैंडल मार्च निकाला था, जो घड़ी चौक से शुरू होकर महामाया मंदिर द्वार तक पहुंचा था। बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए थे और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। महिला के अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन आगे नहीं आया, जिसके बाद अनोखी सोच संस्था ने आगे बढ़कर गंगापुर मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार कराया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।





