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मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा: Israel-United States का Iran पर बड़ा हमला, 40 ऊर्जा ठिकाने तबाह

Israel-US_Iran War: इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर फिर बहुत बड़ा हमला किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार सोमवार को तेहरान पर किए गए इस हमले में ईरान के कम से कम 40 ऊर्जा ठिकानों को बहुत गंभीर क्षति पहुंची है या वे पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। एएफपी न्यूज के अनुसार इजरायल ने सोमवार को ईरान पर हमलों की इस नई लहर को शुरू किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल के मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।

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तेहरान में लगातार सुनीं जा रहीं विस्फोटों की आवाजें

इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच यह युद्ध 24वें दिन में पहुंच गया है, पूरी दुनिया को दशकों की सबसे गंभीर ऊर्जा संकट में धकेल रहा है। इजरायल और अमेरिका के हमलों के दौरान तेहरान में तेज विस्फोटों की आवाजें गूंज रही हैं। ईरानी मीडिया ने इन हमलों को रिपोर्ट किया है। वहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान की ओर से दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की पुष्टि की है।

सऊदी अरब पर ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल

इस दौरान ईरान भी इजरायल और अमेरिका के मिडिल-ईस्ट में ठिकानों को निशाना बना रहा है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल को रोके जाने की जानकारी दी, जबकि दूसरी निर्जन क्षेत्र में गिरी। यूएई ने भी अपनी एयर डिफेंस से ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फतिह बिरोल ने कहा कि युद्ध में तेल-गैस निर्यातक क्षेत्र के कम से कम 40 ऊर्जा संपत्तियां “गंभीर या बहुत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त” हो चुकी हैं। इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ यह युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।

कच्चे तेल की कीमतें आसमान में 

तेहरान ने पिछले हफ्तों में इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में कई बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें ऊर्जा साइट्स और अमेरिकी दूतावास भी निशाने पर आए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात को रोक दिया है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है। तेल कीमतें आपूर्ति की चिंताओं से $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर धमकी दी है कि यदि तेहरान 48 घंटों में जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खोलेगा तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को “नष्ट” कर देगा। यह समयसीमा मंगलवार सुबह ईरान में समाप्त होगी।

ईरान इजरायल और अमेरिका को दे रहा करारा जवाब

इजरायल और अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया भी बेहद सख्त रही है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि यदि ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो क्षेत्र भर के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर “वैध लक्ष्य” माने जाएंगे और “अपरिवर्तनीय रूप से नष्ट” कर दिए जाएंगे। इस बीच खबर है कि ईरान होर्मुज पर “टैक्स” लगाने पर विचार कर रहा है और युद्ध से पहले की स्थिति में वापसी नहीं होगी। फतिह बिरोल ने कैनबरा में पत्रकारों से कहा कि वर्तमान में रोजाना 11 मिलियन बैरल तेल की कमी हो रही है। यह 1970 के दशक के दो तेल संकटों से अधिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संकट जारी रहा तो कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहेगा। आईईए सदस्य देशों के साथ अतिरिक्त तेल स्टॉक रिलीज पर विचार किया जा रहा है।

एशियाई बाजारों में हाहाकार

इस युद्ध के चलते एशियाई शेयर बाजारों में फिर हाहाकार मच गया है। तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ईरान ने कुछ “मित्र देशों” के जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया, लेकिन “आक्रमण” में शामिल देशों के जहाजों को ब्लॉक करने की चेतावनी दी। इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी अभियान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान सरकार के खिलाफ लंबी मुहिम की बात कही। इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि इजरायल को ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ और हफ्तों की लड़ाई का सामना करना पड़ेगा।

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लेबनान में इजरायली हमले में 1000 से ज्यादा मौतें

लेबनान में 1,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हैं। इजरायल में ईरानी मिसाइलें दक्षिणी शहरों डिमोना (परमाणु सुविधा के पास) और अराद में गिरीं, दर्जनों घायल हुए। इजरायल ने ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कमांडरों को निशाना बनाने की कसम खाई। ईरान में अब तक 3,230 से अधिक मौतें (जिनमें 1,406 नागरिक) रिपोर्ट हुई हैं। यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। ट्रंप ने युद्ध को “खत्म” की बात कही थी, लेकिन पावर प्लांट्स पर धमकी से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026