कुसमुंडा खदान में अवैध रास्तों को बंद करने के निर्देश, अनाधिकृत प्रवेश पर लगेगी रोक
ओंकार यादव की खबर

कुसमुंडा खदान में अवैध रास्तों को बंद करने के निर्देश, अनाधिकृत प्रवेश पर लगेगी रोक
कोरबा – कुसमुंडा परियोजना अंतर्गत संचालित मेसर्स नीलकंठ कंपनी (नीलकंठ A एवं B पैच) तथा मेसर्स गोदावरी कंपनी के परिसीमन क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए रास्तों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। इस संबंध में संबंधित कंपनियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए ऐसे सभी अवैध मार्गों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार TSR द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है कि खदान क्षेत्र से लगे परिसीमन में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध रास्ते बनाए जा रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि इन रास्तों को बंद कराने के लिए अनुरोध किए जाने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके कारण बाहरी लोग आसानी से खदान परिसर में प्रवेश कर चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि खान अधिनियम-1952 के तहत खदान क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों का अनाधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। खदान परिसर में भारी मशीनें एवं HEMM वाहनों का संचालन लगातार होता रहता है, ऐसे में बाहरी लोगों का प्रवेश न केवल सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा है बल्कि इससे गंभीर एवं प्राणघातक दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित कंपनियों से आग्रह किया गया है कि उनके अधीनस्थ क्षेत्रों में यदि किसी भी प्रकार के अवैध रास्ते बने हों तो उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं एवं चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।






