राष्ट्रीय मंच पर मुंगेली की माही पाठक का जलवा, ‘स्वरंगना 2K26’ में कथक नृत्य में हासिल किया प्रथम स्थान

मुंगेली/भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित एसएनजी स्कूल ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर-विद्यालयीन एवं ओपन नेशनल प्रतियोगिता ‘स्वरंगना 2K26’ का भव्य समापन हुआ। 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से पहुंचे प्रतिभावान कलाकारों ने विभिन्न कला विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसी राष्ट्रीय मंच पर मुंगेली की माही (अंकिता) पाठक ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। माही की उत्कृष्ट प्रस्तुति को दर्शकों और निर्णायकों ने खूब सराहा। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिजनों, बल्कि मुंगेली क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
डांस, सिंगिंग, इंस्ट्रूमेंटल और ड्राइंग में हुई प्रतियोगिताएं
‘स्वरंगना 2K26’ का आयोजन जी.आर. डांस स्टूडियो द्वारा किया गया था। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में डांस, सिंगिंग, इंस्ट्रूमेंटल और ड्राइंग सहित विभिन्न कलात्मक विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें क्लासिकल और नॉन-क्लासिकल श्रेणियों के कलाकारों ने हिस्सा लिया।
माही पाठक ने क्लासिकल श्रेणी में कथक नृत्य प्रस्तुत किया और अपनी कला एवं प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित
भिलाई में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों द्वारा माही पाठक को प्रथम स्थान की ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल करने पर माही के परिवार और शुभचिंतकों ने खुशी जताई।
माही के पिता सतीश पाठक राजू और माता स्वीटी पाठक सहित पूरे परिवार ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। परिजनों सुनील पाठक और रजनी पाठक ने बताया कि माही को बचपन से ही नृत्य और चित्रकला जैसी कलात्मक विधाओं में विशेष रुचि रही है। उन्होंने कहा कि माही की मेहनत और लगन का परिणाम राष्ट्रीय मंच पर मिली यह सफलता है, जिस पर पूरा परिवार गौरवान्वित है।
मुंगेली के कला प्रेमियों ने दी बधाई
माही पाठक की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर परिजनों, शुभचिंतकों और मुंगेली के कला प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने माही के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह अपनी प्रतिभा के माध्यम से क्षेत्र का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं।





