*बिजली के दरों में बेहताशा वृद्धि को लेकर सक्ती में कांग्रेस ने किया प्रेसवार्ता*
*उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर वापस ले - श्रीमती शेषराज हरबंश*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती बिजली के दामों में बेहताशा बढ़ोतरी के विरोध में सक्ती में कांग्रेस पार्टी ने गुरूवार 18 जून को प्रेसवार्ता कर सरकार के इन फैसलों को जनता के साथ नाइंसाफी बताया। इस मौके पर प्रेसवार्ता लेने सक्ती पहुंची पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने सरकार द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने को जनता पर अत्याचार करार दिया और कहा कि बिजली के दाम पांचवी बार बढाये जाने का कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को भी नहीं बख्शा और कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी कर दी है। इस तरह से
भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये हैं। जबकि जनता पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बनी हुई है। सरकार उसमें राहत देने के बजाय बिजली के दामो में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है। विदित हो कि हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था। इसके उल्ट कांग्रेस पार्टी की सरकार में 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। कांग्रेस नेत्री व पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने कहा कि भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है। उन्होंने कहा कि सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है। पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑनलाइन, ऑफलाइन में अलग बिल भेजा जा रहा है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता । स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इन जनविरोधी फैसलों का विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है। श्रीमती हरबंश ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर यहां छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी घरों में लगाए स्मार्ट मीटर वापस लिए जाने की मांग भी की। आज की प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश राठौर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण)अध्यक्ष मोहन-प्यारी सिदार, सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों सहित मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





