कुसमुंडा खदान में रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़े दो कोयला वाहन, चालक की मौत
सतपाल सिंह
कुसमुंडा खदान में रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़े दो कोयला वाहन, चालक की मौत
ढलान पर अनियंत्रित हुआ ट्रक, दूसरे वाहन के ट्राले से टकराया; केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त, दूसरा चालक बाल-बाल बचा

कोरबा। जिले की कुसमुंडा कोयला खदान में शनिवार को रेल साइडिंग से कोयला खाली कर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रक ढलान पर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे कोयला लोड वाहन के ट्राले से जा भिड़ा। दोनों वाहनों के बीच हुई भीषण टक्कर में एक ट्रक का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक की मौत हो गई। वहीं दूसरे वाहन का चालक ऐन वक्त पर वाहन को मोड़कर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
भीषण टक्कर से केबिन हुआ चकनाचूर
प्रत्यक्षदर्शियों ने मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के समय रेल साइडिंग से कोयला खाली कर एक ट्रक वापस लौट रहा था। उसकी रफ्तार बेहद तेज थी, सामने ढलान होने के बावजूद गति नियंत्रित नहीं थी,इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे कोयला लोड वाहन के ट्राले से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक उसमें फंस गया।
दूसरे वाहन के चालक ने स्थिति को भांपते हुए वाहन को मोड़ने का प्रयास किया, जिससे वह सीधी भिड़ंत की चपेट में आने से बच गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि दोनों वाहनों के बीच सीधी टक्कर होती, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
खान सुरक्षा टीम ने रेस्क्यू कर चालक को निकाला
घटना की सूचना मिलते ही खान सुरक्षा विभाग की टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को अलग कर क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला गया। जीवित होने की उम्मीद में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक की पहचान हरदीबाजार क्षेत्र के रलिया निवासी विश्व प्रकाश, पिता राखी प्रसाद (29 वर्ष) के रूप में हुई है।
मुआवजे और रोजगार को लेकर देर रात तक चर्चा
हादसे के बाद मृतक के परिजन और परिचित देर रात तक अस्पताल में मौजूद रहे। परिजनों ने मुआवजे और परिवार के भविष्य को लेकर अपनी मांग रखी। चर्चा के बाद निजी एवं विभागीय कंपनी के अधिकारियों की ओर से तत्काल तीन लाख रुपये की सहायता राशि देने पर सहमति बनी। इसके अलावा कंपनी की गाइडलाइन के तहत बीमा राशि दिलाने में सहयोग तथा मृतक के परिजन को निजी कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी सहमति बनी।
रात होने के कारण मृतक के शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया। अगले दिन कुसमुंडा पुलिस ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां सड़क पर काफी ढलान है। हादसों की आशंका को देखते हुए प्रबंधन द्वारा ब्रेकर बनाए गए हैं और सड़क किनारे गति नियंत्रण एवं सावधानी से संबंधित सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद वाहनों की तेज रफ्तार और गति पर नियंत्रण नहीं रखना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है। कोयला खदानों में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सुरक्षित गति, निर्धारित नियमों का पालन और ढलान वाले हिस्सों में अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है।




