अचानकमार टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह के चौथे दिन जन-जागरूकता कार्यक्रम

मुंगेली/लोरमी। अचानकमार टाइगर रिजर्व में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक “Connecting Habitats. Thriving Wildlife” थीम पर वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 5 अक्टूबर को सप्ताह के चौथे दिन ग्राम आमाडोब में वन्यजीव संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अचानकमार टाइगर रिजर्व की मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, उप संचालक, हाथी विशेषज्ञ, WWF के वरिष्ठ प्रोजेक्ट ऑफिसर, स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञ सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्राम आमाडोब सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण, स्व-सहायता समूहों के सदस्य और स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान केंवची बफर परिक्षेत्र में वन्यप्राणी बाघ के कॉरिडोर और वन्यजीवों के संरक्षण के संबंध में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा तथा मानव जीवन में उनके महत्व को लेकर भी जागरूक किया।
हाथी विशेषज्ञ मंसूर खान ने हाथियों से सुरक्षा के उपाय और सावधानियों की जानकारी दी, जबकि WWF के उपेंद्र दुबे ने वन्यजीव सुरक्षा एवं मॉनिटरिंग से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में बांधवगढ़ से अचानकमार टाइगर रिजर्व आए ‘बाघिन की कहानी’ फिल्म के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही आमाडोब के स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए वन्यजीव सप्ताह की थीम पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य वन संरक्षक द्वारा सम्मानित किया गया।
अचानकमार टाइगर रिजर्व के केंवची बफर परिक्षेत्र में बाघ कॉरिडोर होने के कारण इस क्षेत्र में बाघ की उपस्थिति नियमित रूप से बनी रहती है। वन विभाग के अनुसार, आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम से वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय का सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।





