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क्या रूस यूरोप पर करेगा ड्रोन अटैक? इटली-फ्रांस-स्पेन को लेकर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बड़ा दावा

रूस को लेकर यूरोप में एक बार फिर संभावित ड्रोन हमले की आशंका जताई गई है। स्पेन के अखबार ‘एल मुंडो’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस भूमध्य सागर में मौजूद पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने के लिए व्यापारिक जहाजों से ड्रोन लॉन्च करने की योजना बना सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित खतरे में स्पेन, फ्रांस और इटली का नाम सामने आया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने यूरोपीय देशों को रूस के संभावित ऑपरेशन को लेकर चेतावनी दी है। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संभावित हमले के लिए कौन से ठोस लक्ष्य तय किए गए हैं या ऐसी किसी योजना को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है।

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समुद्र में मौजूद जहाजों से लॉन्च किए जा सकते हैं ड्रोन

‘एल मुंडो’ के मुताबिक, रूस के Gerbera ड्रोन को व्यापारिक जहाजों से लॉन्च किया जा सकता है। इन ड्रोन को कार्गो कंटेनरों में छिपाकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक ले जाने और वहां से उड़ाने की आशंका जताई गई है।

नाटो सदस्य देश लिथुआनिया के एक रक्षा सूत्र ने अखबार से बातचीत में दावा किया कि समुद्र से ड्रोन लॉन्च करने की ऐसी व्यवस्था संभव है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन को तट से करीब 125 से 190 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से लॉन्च किए जाने की संभावना बताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि Gerbera ड्रोन की क्षमता ऐसी है कि इसका इस्तेमाल आग लगाने, खुले में रखे उपकरणों को नुकसान पहुंचाने या किसी बंदरगाह अथवा हवाई अड्डे के संचालन को कुछ समय के लिए प्रभावित करने में किया जा सकता है।

यूक्रेन को सैन्य मदद देने वाले देशों पर नजर?

रिपोर्ट में संभावित खतरे को रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ से भी जोड़ा गया है। स्पेन, फ्रांस और इटली उन यूरोपीय देशों में शामिल हैं, जो यूक्रेन को अलग-अलग स्तर पर सैन्य और अन्य सहायता देते रहे हैं।

रिपोर्ट में यूक्रेन के ओडेसा का भी उल्लेख किया गया है, जहां रूसी हमलों के कारण समुद्र तट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रही हैं।

NATO देशों को लेकर पहले भी जारी हो चुकी हैं चेतावनियां

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब पश्चिमी देशों की सुरक्षा एजेंसियां रूस की गतिविधियों को लेकर लगातार चेतावनी देती रही हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पोलैंड, रोमानिया, लिथुआनिया और लातविया समेत कुछ NATO देशों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी है।

अखबार के सूत्रों के अनुसार, CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा और रूसी खुफिया अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत के बाद यूरोपीय देशों को रूस से जुड़े संभावित खतरों के बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि, इस दावे की पूरी आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 16 सितंबर को अपनी डिफेंस काउंसिल की बैठक बुलाई थी। इसके दो दिन बाद उन्होंने देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवारों के साथ बैठक की।

पोलैंड ने भी जताई चिंता

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी कहा है कि उन्हें यूक्रेन को हथियार उपलब्ध कराने वाले देशों के खिलाफ संभावित रूसी हमलों को लेकर चेतावनी मिली है।

वहीं, यूरोपीय सुरक्षा अधिकारियों की ओर से NATO क्षेत्र में रूस की संभावित गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई है। चेक गणराज्य की सुरक्षा सेवा BIS के प्रमुख मिशाल कौडेलका ने द गार्जियन से कहा कि NATO क्षेत्र में रूसी घुसपैठ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संभावित ‘फॉल्स-फ्लैग’ गतिविधियों और प्रभाव अभियान को लेकर भी चेतावनी दी।

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कुछ सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल हमले के संकेत नहीं

हालांकि, सभी यूरोपीय सुरक्षा अधिकारी तत्काल सैन्य हमले की आशंका से सहमत नहीं हैं। लातविया की राज्य सुरक्षा सेवा VDD के प्रमुख नोरमुंड्स मेज़विट्स ने कहा कि रूस की यूरोप में गतिविधियों को लेकर चिंता के बावजूद उनकी एजेंसी को तत्काल हमले के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि मॉस्को के पास यूरोप के खिलाफ कोई ठोस योजना है या इस तरह की गतिविधियां पश्चिमी देशों में डर और अनिश्चितता पैदा करने की रणनीति का हिस्सा हैं।

स्वीडन की मिलिट्री इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी सर्विस के प्रमुख थॉमस निल्सन ने भी कहा कि उन्हें ऐसे संकेत नहीं मिले हैं, जिनसे यह लगे कि रूस में किसी वास्तविक बातचीत को लेकर गंभीर तैयारी चल रही है।

हालांकि, तीनों यूरोपीय सुरक्षा अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि आने वाले महीनों में रूस से जुड़े ‘शैडो वॉर’, यानी गुप्त और अप्रत्यक्ष गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।

महत्वपूर्ण: स्पेन के अखबार की रिपोर्ट में किए गए दावों और संभावित ड्रोन हमले की योजना की सार्वजनिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से सामने आई आशंका के रूप में देखा जा रहा है, न कि रूस द्वारा हमले की पुष्टि की गई योजना के रूप में।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026