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बांकी मोगरा नगरपालिका में वित्तीय गड़बड़ी का आरोप, बैंक स्टेटमेंट-बिल वाउचर नहीं देने पर RTI कार्यकर्ता ने राज्य सूचना आयोग में की द्वितीय अपील; AG से स्पेशल ऑडिट की शिकायत की तैयारी

कोरबा/ बांकी मोगरा: नगर पालिका परिषद बांकी मोगरा में जनहित और वित्तीय पारदर्शिता को ताक पर रखकर दस्तावेजों को दबाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। RTI कार्यकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई वित्तीय वर्ष 2025-26 की बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जानकारियां देने से निकाय के जिम्मेदार अफसर कतरा रहे हैं।

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क्या छिपाना चाहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?

RTI कार्यकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारियों से नगरपालिका प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं:

बैंकों के अकाउंट स्टेटमेंट: HDFC बैंक, उत्कर्ष बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बैंक स्टेटमेंट।

कैश बुक : वर्ष 2025-26 की मुख्य कैश बुक के साथ-साथ अन्य सभी सहायक कैश बुक की सत्यापित प्रतियां।

समस्त बिल एवं वाउचर: निकाय द्वारा किए गए खर्चों के समस्त बिल और वाउचर की सत्यापित प्रतियां।

कानून की उड़ाई धज्जियां, सूचना दबाने का खेल!

08 जून 2026: RTI अधिनियम की धारा 6(3) के तहत जन सूचना अधिकारी लेखा अधिकारी, सुजीत कुमार मेहता को आवेदन जमा किया गया।

23 जुलाई 2026: नियमानुसार 30 दिनों में जानकारी न मिलने और भ्रामक/अधूरी जानकारी दिए जाने के विरोध में प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दायर की गई।

16 सितम्बर 2026: प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा भी कोई संतोषजनक निराकरण न करने पर व्यथित होकर आवेदक ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग रायपुर के समक्ष धारा 19(3) के तहत द्वितीय अपील प्रस्तुत कर दी है।

महालेखाकार से होगी शिकायत, बैठेगी विशेष ऑडिट जांच!

प्रकरण में वित्तीय अनिमियतताओं और दस्तावेजों की लीपापोती की आशंका को देखते हुए आवेदक जितेन्द्र कुमार साहू अब प्रधान महालेखाकार लेखा परीक्षा, छत्तीसगढ़ को पत्र सौंपकर बांकी मोगरा नगर पालिका परिषद के वित्तीय वर्ष 2025-26 के समस्त आय-व्यय, कैश बुक और बैंक खातों की स्पेशल ऑडिट कराने की मांग करने जा रहे हैं। आवेदक का कहना है कि सार्वजनिक धन के इस संदिग्ध उपयोग की परतें उधेड़ने के लिए महालेखाकार द्वारा निष्पक्ष जांच ही एकमात्र रास्ता है।

अधिनियम के तहत अफसरों पर लटकी दंड की तलवार!

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) और 20(2) के अनुसार, यदि कोई जन सूचना अधिकारी बिना किसी तर्कसंगत कारण के जानकारी देने से इंकार करता है, जानबूझकर भ्रामक या अधूरी जानकारी देता है या आवेदन अस्वीकार करता है, तो उस पर प्रतिदिन 250 रुपये अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना अधिरोपित किए जाने और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश का कड़ा प्रावधान है।

RTI कार्यकर्ता ने राज्य सूचना आयोग से मांग की है कि दोषी जन सूचना अधिकारी पर भारी शास्ति अधिरोपित कर उन्हें दंडित किया जाए और अविलंब संपूर्ण सत्यापित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

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क्या बांकी मोगरा नगरपालिका पर बैठेगी बड़ी इंक्वायरी?

वित्तीय वर्ष 2025-26 के बिल-वाउचर, कैश बुक और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट मांगने पर जन सूचना अधिकारी और अपीलीय अधिकारी का मौन धारण कर लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों एवं जानकारों का मानना है कि महालेखाकार की ऑडिट और सूचना आयोग के रुख के बाद बांकी मोगरा नगर पालिका परिषद में एक बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हो सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026