वेतन समझौते में देरी पर भड़के कोयला श्रमिक, कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय पर संयुक्त मोर्चे का विशाल प्रदर्शन
सतपाल सिंह


वेतन समझौते में देरी पर भड़के कोयला श्रमिक, कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय पर संयुक्त मोर्चे का विशाल प्रदर्शन
12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते एवं JBCCI-12 के गठन में देरी के खिलाफ 4 श्रमिक संगठनों ने मनाया ‘मांग दिवस’।
सुबह 10 बजे से ही गूंजे मजदूर एकता के नारे, महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर घंटों चला विरोध-प्रदर्शन।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों और सैकड़ों सदस्यों ने महाप्रबंधक को सौंपा आंदोलन की चेतावनी का ज्ञापन।
एस ई सी एल, कुसमुंडा क्षेत्र में आज कोल कर्मचारियों के नए वेतन समझौते में हो रही अत्यधिक देरी के विरोध में श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त 4 संगठनों (एटक, एच एम एस, इंटक, सीटू) के राष्ट्रीय आह्वान पर आज कुसमुंडा क्षेत्र में ‘मांग दिवस’ का आयोजन किया गया।
तय कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह ठीक 10:00 बजे से ही श्रम संगठन कुसमुंडा क्षेत्र के सभी विंग के शीर्ष पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता और सैकड़ों की संख्या में श्रमिक भाई कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। कुछ ही समय में पूरा प्रशासनिक भवन परिसर गगनभेदी नारों और श्रमिक एकजुटता के नारों से गूंज उठा।
वेतन समझौते (JBCCI-12) की टालमटोल नीति पर जताया आक्रोश
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के क्षेत्रीय नेतृत्व ने प्रबंधन की हठधर्मिता और टालमटोल की नीति पर कड़ा प्रहार किया। वक्ताओं ने कहा, “कोल इंडिया के कर्मचारी दिन-रात जान जोखिम में डालकर देश को ऊर्जा सुरक्षा दे रहे हैं और रिकॉर्ड कोयला उत्पादन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके जायज हक, यानी 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के गठन और वार्ता प्रक्रिया को प्रबंधन द्वारा जानबूझकर लटकाया जा रहा है। कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है।”
विशाल मोर्चा और महाप्रबंधक को ज्ञापन
गेट पर जोरदार नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन के बाद संयुक्त मोर्चे के बैनर तले एक विशाल आक्रोश मोर्चा निकाला गया। यह मोर्चा प्रशासनिक भवन की परिक्रमा करते हुए महाप्रबंधक कक्ष के समक्ष पहुंचा, जहां संयुक्त संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को कोल इंडिया चेयरमैन के नाम एक तीखा मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन ने वेतन समझौते की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई और श्रमिक विरोधी रवैया नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कोल इंडिया प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
इस प्रदर्शन में एटक से क्षेत्रीय सचिव अजीत सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश साहू, कुरु राम, जगन्नाथ, अलखराम, छत्रपाल, श्याम, जीवन, मयंक, सौरभ, मनबोध, शिवनारायण, रणधीर मिश्रा, धर्मेन्द्र, एम.डी. नफ़ीस, संजय, अशोक, सुबेशंकर, मनहरण, राजीव झा उपस्थित रहे ।
कोयला मजदूर सभा (HMS) से क्षेत्रीय महामंत्री सह संयुक्त सलाहकार समिति सदस्य अशोक कुमार साहू ,लक्ष्मण सिंह (क्षेत्रीय सलाहकार समिति सदस्य) , निरंजन सिंह एवं सोनू प्रताप सिंह (क्षेत्रीय कल्याण समिति), मनीष सिंह एवं विनोद यादव (क्षेत्रीय सुरक्षा समिति), रामेश्वर वैष्णव (परियोजना अध्यक्ष), देवेन्द्र सिंह (परियोजना सचिव), नारायण चंद्रा, सुमंत कुमार, कमलेश प्रधान, श्रवण कुमार, अखिल मिश्रा, नीरज कुमार गुप्ता, नितिन, अनंत त्रिपाठी, विकाश पाठक, अभिषेक मिश्रा, राजा राम साहू, सोहन, मोती, अनुभव मिश्रा, अभय अनुराग पाण्डेय, आदर्श मिश्रा, अभिषेक त्रिपाठी के साथ अन्य सदस्य उपस्थित थे।
इंटक से क्षेत्रीय अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर), क्षेत्रीय महासचिव राजू लाल सोनी, सुरजीत सिंह (हैप्पी), नरेश साहू, एन.के. सिंह, विनय कुमार स्वर्णकार, महेंद्र पाल यादव, महावीर पटेल, भूपेंद्र कुमार मेहर, उवैश अहमद, मंतोष कुमार, शैलेन्द्र सिंह, निर्मल कुमार चंद्रा, सियाराम केरकेट्टा, दीपक कुमार, हरि महाकुण्ड, सत्यदेव सिंह, सूरज सागर, सुखदेव कुमार, सियाराम साहू, अश्वनी साहू, यादराम यादव, रामभरोस, शिव सिंह कँवर, सुखलाल केरकेट्टा, विजेंद्र साहू सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित हुए।
सीटू से क्षेत्रीय अध्यक्ष कॉमरेड समारसिंह, कॉमरेड क्षेत्रीय महामंत्री सजी.टी. जॉन, प्रेमपाल सांडे, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आईपी केसरवानी, बीनू वर्गीस, संजय नाथ, शिशुपाल सिंह, रामकुमार, राहुल सिंह देवा, नील कुमार ,विनीश कुमार, अमन खान, कृष्णा श्रीवास्तव सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
इन प्रमुख पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
आज के इस ‘मांग दिवस’ आंदोलन को सफल बनाने में कुसमुंडा क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव, क्षेत्रीय अध्यक्ष, खदानों/शाखाओं के सचिव, कार्यकारिणी सदस्य, एवं कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों जुझारू कोयला कामगारों ने अपनी एकजुटता दिखाकर अपनी ताकत का अहसास कराया। प्रबंधन को ज्ञापन सौंपने के पश्चात संयुक्त मोर्चे ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन के पहले चरण के समापन की घोषणा की ।






