Bilibili App: YouTube को टक्कर देने आया चीन का Bilibili, ग्लोबल लेवल पर लॉन्च हुआ नया ऐप; क्या भारत में यूज कर पाएंगे?

Bilibili App: वीडियो स्ट्रीमिंग की दुनिया में अब तक सिर्फ यूट्यूब (YouTube) का एकछत्र राज रहा है, लेकिन अब इसे चुनौती देने के लिए एक बड़ा खिलाड़ी ग्लोबल मार्केट में उतर चुका है। साल 2009 में चीन में स्थापित वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म बिलिबिली (Bilibili) ने दुनिया भर के यूजर्स के लिए अपना नया इंटरनेशनल एप लॉन्च कर दिया है। एंड्रॉयड (Android) समेत कई अन्य प्लेटफॉर्म्स पर दस्तक देने के साथ ही यह चीनी एप अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। कई भाषाओं में उपलब्ध बिलिबिली का इंटरनेशनल वर्जन फिलहाल अंग्रेजी के अलावा जापानी, मलय, थाई, वियतनामी और अरबी भाषाओं में उपलब्ध है। शंघाई स्थित यह कंपनी वीडियो शेयरिंग के साथ-साथ लाइव स्ट्रीमिंग, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे कंटेंट पर भी फोकस करती है। इस बड़ी टेक कंपनी में मशहूर सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन की भी 5.22 प्रतिशत की अहम हिस्सेदारी है और इसकी पैरेंट कंपनी हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज के साथ-साथ न्यूयॉर्क के नैस्डैक पर भी लिस्टेड है।
खुद का है सैटेलाइट
दिलचस्प बात यह है कि गूगल (Google) की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के स्वामित्व वाले यूट्यूब के बाद, बिलिबिली शायद एकमात्र ऐसा वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है जिसका अंतरिक्ष में अपना खुद का सैटेलाइट है। इस सैटेलाइट को बिलिबिलि वीडियो सैटेलाइट नाम दिया गया है।
YouTube से कितनी अलग है बिलिबिली की दुनिया?
- बिलिबिली की वेबसाइट खोलने पर यूजर्स को लोकप्रिय वीडियो का एक फीड दिखाई देता है। इसमें ऊपर प्रमुख वीडियो के लिए स्लाइडर और अलग-अलग कैटेगरी के विकल्प मिलते हैं। प्लेटफॉर्म पर एनीमेशन, डांस, एंटरटेनमेंट, फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, टीवी ड्रामा और वैरायटी शो जैसे कई सेक्शन मौजूद हैं।
- इसके अलावा यहां लाइव स्ट्रीमिंग और गेम सेंटर भी मिलता है। कॉमिक्स के लिए प्लेटफॉर्म पर अलग सेक्शन दिया गया है। यानी बिलिबिली खुद को केवल वीडियो देखने की वेबसाइट के बजाय एक एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश कर रहा है। बताया जा रहा है कि कंपनी के कंटेंट पर चीन में कड़े नियमन और निगरानी का असर भी दिखाई देता है।
अकाउंट के बिना भी देख सकते हैं वीडियो
- बिलिबिली की खासियत यह है कि वीडियो देखने के लिए हर बार अकाउंट बनाना जरूरी नहीं है। बिना लॉगिन किए भी यूजर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट ब्राउज और देख सकते हैं। हालांकि, वीडियो को लाइक या कमेंट करने जैसी इंटरैक्टिव सुविधाओं के लिए अकाउंट बनाना जरूरी होगा।
- प्लेटफॉर्म प्रीमियम मेंबरशिप का विकल्प भी देता है। इसके तहत यूजर्स को प्रीमियम कंटेंट के साथ 4K अल्ट्रा एचडी स्ट्रीमिंग समेत कुछ अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं। प्रीमियम मेंबरशिप की शुरुआती कीमत पहले महीने के लिए 15 युआन बताई गई है।
CG News: स्टेशन पर मिला लावारिस बैग और अंदर निकले हथियार, जांजगीर-चांपा में सघन चेकिंग से हड़कंप
क्या भारत में Bilibili चला सकते हैं?
- फिलहाल भारत में बिलिबिली का एप गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय यूजर्स इस प्लेटफॉर्म को एक्सेस नहीं कर सकते। बिलिबिली की वेबसाइट को बिना किसी VPN सीधे ब्राउजर के जरिए खोला जा सकता है।
- वेबसाइट का इंटरफेस मुख्य रूप से चीनी भाषा में है। ऐसे में गूगल क्रोम के ट्रांसलेशन फीचर या किसी ब्राउजर ट्रांसलेशन एक्सटेंशन की मदद से इसे अंग्रेजी में समझा जा सकता है। भारत में बिलिबिली का एप गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है।






