
Central Schemes In Bengal: पश्चिम बंगाल की सरकार अगले कुछ घंटों में बनेगी लेकिन चुनाव परिणाम आने के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्य की रुकी हुई परियोजनाओं और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है. सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने हर मंत्रालय से ऐसी योजनाओं की सूची देने को कहा है जो पिछले 12 वर्षों से ममता बनर्जी सरकार के अड़ियल रवैये के कारण रुकी हुईं थीं. राज्य में सरकार बनते ही इनके रास्ते में आई हुई अड़चनों को दूर करने के लिए तीव्र गति से काम शुरू हो जाएगा.
मंत्रालयों से मांगी रुकी हुई परियोजनाओं की लिस्ट
सूत्रों के अनुसार इसका जिम्मा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दिया गया है, जिन्होंने हर मंत्रालय से रुकी हुई परियोजनाओं और संबंधित मंत्रालयों की अटकी योजनाओं की सूची मांगी है. हर मंत्रालय ने इसका ब्यौरा देना भी शुरू कर दिया है. इसके बाद केंद्रीय स्तर पर इन योजनाओं के रास्ते में लगाए गए अडंगों को दूर करने के लिए काम शुरू होगा. गौरतलब है कि पिछले एक दशक में ममता बनर्जी सरकार हर मोर्चे पर केंद्र सरकार से दो-दो हाथ करती आई थी. मोदी सरकार की कई योजनाओं को या तो लागू नहीं किया गया या फिर उनका नाम बदल कर उन्हें लागू किया गया. इसी तरह से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए या तो जमीन नहीं दी गई या फिर दूसरे बहाने बना कर रास्ते में रोड़े अटकाए गए. अब केंद्र सरकार की मंशा है कि वर्षों से रुकी हुई ऐसी परियोजनाओं को युद्ध गति से पूरा किया जाए. इसलिए सरकार बनने से पहले ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है.
आयुष्मान भारत योजना को बंगाल में लागू नहीं किया
ऐसी ही एक बड़ी योजना आयुष्मान भारत है जिसे पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू करने से मना कर दिया था. इसके तहत पांच लाख का मेडिकल बीमा दिया जाता है. ममता बनर्जी का तर्क था कि उनकी अपनी योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ पहले से ही बेहतर सेवाएं दे रही है. साथ ही, बंगाल सरकार केंद्र की 60:40 की फंडिंग हिस्सेदारी और योजना के नाम पर प्रधानमंत्री की तस्वीर होने के खिलाफ थी. अब स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राज्य की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस योजना को मंजूरी दी जाएगी.
नहीं मिली पीएम किसान सम्मान निधि योजना
इसी तरह किसानों को साल भर में तीन किश्तों के जरिए छह हजार रुपए महीने देने की पीएम किसान सम्मान निधि योजना से भी ममता बनर्जी सरकार शुरुआत में दूर रहीं. वे अपनी ‘कृषक बंधु’ योजना को प्राथमिकता दे रही थीं. हालांकि, राजनीतिक दबाव के बाद 2021 में इसे आंशिक रूप से स्वीकार किया गया, लेकिन लाभार्थियों के सत्यापन को लेकर दोनों सरकारों में लंबे समय तक खींचतान चलती रही. अब केंद्र सरकार इसे शत प्रतिशत रूप में लागू कराएगी. सरकार ने वीबी जी राम जी को भी पश्चिम बंगाल में तेज गति से लागू करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि मनरेगा का फंड केंद्र सरकार ने व्यापक अनियमितताओं के कारण रोका था. इसे लेकर ममता सरकार ने केंद्र पर हल्ला बोला था और इसे आर्थिक नाकेबंदी बताया था.
ममता बनर्जी सरकार ने पीएम आवास योजना का नाम बदल कर ‘बांग्ला आवास योजना’ कर दिया था. साथ ही, इसमें कई अनियमितताएं भी पाई गईं थी. इस कारण केंद्र ने 2022 से इसका फंड रोक दिया था. अब इसे दोबारा चालू किया जा रहा है.





