दर्दनाक हादसे की क्या थी वजह—रफ़्तार, अंधा मोड़, डायवर्शन या अधिकारियों की अनदेखी? एक परिवार ने खोई माँ, पत्नी, बेटी और बहन; दूसरे ने खोया पुत्र। ज़मीनी स्तर से सिलसिलेवार पढ़िए पूरी खबर और जानकारी…
सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर
दर्दनाक हादसे की क्या थी वजह—रफ़्तार, अंधा मोड़, डायवर्शन या अधिकारियों की अनदेखी? एक परिवार ने खोई माँ, पत्नी, बेटी और बहन; दूसरे ने खोया पुत्र।
ज़मीनी स्तर से सिलसिलेवार पढ़िए पूरी खबर और जानकारी…

कोरबा जिले के कुसमुंडा-गेवरा टीपर मार्ग पर बुधवार सुबह लगभग 8 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें स्कूटी और बाइक सवार एक युवक-युवती की दुखद मौत हो गई। यह दुर्घटना सड़क किनारे बनी रेलवे साइडिंग जाने वाले मोड़ के पास हुई।
मौके पर खड़े ट्रेलर, बिखरे हुए दुपहिया वाहनों के चिथड़े और दोनों शवों की स्थिति को देखकर पहली नज़र में भारी वाहन की लापरवाही साफ ज़ाहिर हो रही थी। स्कूटी सवार युवती दीपका से कोरबा की ओर जा रही थी, जबकि बाइक सवार युवक कोरबा से दीपका की तरफ आ रहा था। इसी दौरान गेवरा की ओर से कोयला लादकर आ रहे एक ट्रेलर (CG 12 AS 3431) की गति बेहद तेज़ थी और वह सड़क के बीचों-बीच चल रहा था।
कैसे घटी घटना?
रास्ते में रेलवे साइडिंग का एक ऐसा मोड़ आया जो दूर से दिखाई नहीं देता। मोड़ सामने आने पर ट्रेलर चालक ने अचानक ब्रेक लगाई और गाड़ी को किनारे की तरफ मोड़ने लगा। ट्रेलर को इस तरह मुड़ते देख उसके पीछे चल रही स्कूटी और सामने से आ रही बाइक के चालक हड़बड़ा गए। आशंका जताई जा रही है कि इसी घबराहट में दोनों दुपहिया वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद हेलमेट पहनी हुई युवती स्कूटी सहित सड़क के दूसरी ओर जा गिरी। उसके चेहरे और सीने पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, युवक ट्रेलर के पहियों के नीचे आ गया और सिर दबने के कारण उसने भी दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद ट्रेलर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

मृतकों की पहचान
मृतक युवती की पहचान दीपका निवासी सीमा पटेल (पिता: विक्रम पटेल) के रूप में हुई है। वहीं, बाइक सवार युवक की पहचान संजय कुमार (पिता: भागवत सिंह, निवासी: भेसमा) के रूप में हुई। संजय एक निजी कंपनी में कार्यरत था और सुबह अपने काम पर जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कुसमुंडा पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इसके साथ ही दुर्घटना का कारण बने ट्रेलर और दोनों दुपहिया वाहनों को ज़ब्त कर थाने ले जाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
हादसे की मुख्य वजह:
बिना सूचना के अंडरब्रिज में आवाजाही बंद करना
दरअसल, गेवरा-दीपका से कोरबा आने-जाने के लिए बने कुचेना अंडरब्रिज को मरम्मत कार्य के चलते पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस वजह से दुपहिया और चार पहिया वाहनों को भारी वाहनों (टीपर/ट्रेलर) वाले मार्ग से गुज़रना पड़ रहा है, जो इन हादसों की एक बड़ी वजह बन रहा है। अचानक अंडरब्रिज को बंद कर हल्के वाहनों को भारी वाहनों के मार्ग पर डायवर्ट करना प्रशासन की एक बड़ी चूक है।
अंडरब्रिज का निर्माण कर रही इरकॉन (IRCON) कंपनी ने पुल के अंदर के गड्ढों को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए सोमवार की शाम आनन-फानन में कुचेना मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया था। कंपनी ने आम जनता को इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। इस वजह से अगले दिन (मंगलवार) सुबह जब क्षेत्रीय पार्षद, जनप्रतिनिधियों और विहिप (विश्व हिंदू परिषद) के जिलाध्यक्ष ने बिना जानकारी सड़क बंद करने पर आपत्ति जताई, तो कंपनी ने एसडीएम (SDM) कार्यालय का एक आदेश दिखाया। उस आदेश में एसडीएम द्वारा केवल बड़े भारी वाहनों को डायवर्ट करने की अनुमति दी गई थी, जबकि दुपहिया वाहनों को वहाँ से जाने की छूट थी। इसके बावजूद कंपनी ने सभी वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया।
नेताओं और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, किया चक्काजाम
इस लापरवाही के विरोध में बुधवार को स्थानीय पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कोरबा-कुसमुंडा मार्ग पर प्रेमनगर एनटीपीसी (NTPC) पुल के नीचे चक्काजाम कर दिया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस अंडरब्रिज के निर्माण में कई अनियमितताएँ हैं। कंपनी को इसे सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन गड्ढों को भरने के अलावा कोई ठोस काम नहीं किया जा रहा है। हालाँकि, पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद चक्काजाम को जल्द ही समाप्त करा लिया गया। इसके बाद तहसीलदार, इरकॉन कंपनी के अधिकारियों, ठेकेदारों, पुलिस और स्थानीय पार्षदों ने मिलकर अंडरब्रिज का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्ग की कमी, रोज़ लगने वाले जाम, छाए अंधेरे और अन्य खामियों से अवगत कराया, जिस पर अधिकारियों ने जल्द से जल्द सुधार करने का आश्वासन दिया है।
आंदोलन की चेतावनी
इधर इस दर्दनाक घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। किसी काम से रायपुर में होने के कारण वे बुधवार को क्षेत्र में मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि रायपुर से लौटते ही वे हादसे के ज़िम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और हल्के वाहनों के लिए सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था की माँग को लेकर गुरुवार को एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
कुसमुंडा क्षेत्र में हुए इस बेहद दुखद हादसे ने पल भर में दो हँसते-खेलते परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। दुर्घटना चाहे जिस परिस्थिति में हुई हो, लेकिन इसके पीछे छिपी मुख्य वजहों (प्रशासनिक लापरवाही और खराब ट्रैफिक डायवर्शन) पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी और बेकसूर लोग अपनी जान गँवाते रहेंगे। सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर। घटनास्थल से लाइव वीडियो देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल लिंक पर जाएं। https://www.youtube.com/@humarakusmundaomgavel9110





