महादेव सट्टा ऐप केस में CM विष्णुदेव साय का बड़ा बयान, बोले- सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में कई और लोग फंस सकते हैं

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से CBI की पूछताछ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उनके इस बयान के बाद महादेव सट्टा ऐप मामले में संभावित नए खुलासों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को सौरभ चंद्राकर को लेकर कहा, “जो मुख्य अभियुक्त था सौरभ चंद्राकर, उससे CBI पूछताछ करेगी। हो सकता है कई और लोग उसमें फंसें।”
मुख्यमंत्री के इस बयान को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, पैसों के लेनदेन और इस पूरे कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, जांच में किन लोगों के नाम सामने आएंगे और किसके खिलाफ सबूत मिलेंगे, यह पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद रायपुर पहुंचा आरोपी
दरअसल, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को उसकी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी।
मंगलवार को CBI की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची। बुधवार को सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। उसकी पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बताया जा रहा है कि मामले में आगे की पूछताछ के लिए CBI उसकी कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है।
विदेश से संचालित हो रहा था सट्टेबाजी नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क विदेश से संचालित किया जा रहा था। अलग-अलग राज्यों में एजेंटों और ऑनलाइन पैनलों के माध्यम से सट्टेबाजी का कारोबार चलाए जाने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन, कथित अवैध कमाई और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया था। उन्होंने कहा था कि आरोपी से पूछताछ में यह जानकारी भी मिल सकती है कि सट्टेबाजी नेटवर्क को संरक्षण देने के बदले कथित तौर पर किन लोगों को पैसे दिए जाते थे।
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CBI की पूछताछ पर टिकी नजरें
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच अब अहम दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या CBI की पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका उजागर होगी।
हालांकि, फिलहाल किसी नए व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों और अदालत की आगामी कार्यवाही के बाद ही मामले की आगे की तस्वीर साफ होगी।





