नकली चमक का असली खेल खत्म! 18 कैरेट सोने को 22 कैरेट बताकर ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 4 गिरफ्तार। कोरबा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोल्ड लोन कंपनियों और आम जनता से धोखाधड़ी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 04 आरोपी गिरफ्तार
सतपाल सिंह
नकली चमक का असली खेल खत्म! 18 कैरेट सोने को 22 कैरेट बताकर ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 4 गिरफ्तार।
कोरबा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोल्ड लोन कंपनियों और आम जनता से धोखाधड़ी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 04 आरोपी गिरफ्तार!

गिरोह का तौर-तरीका:
यह शातिर गिरोह 18 और 20 कैरेट के कम शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर लोगों को बेचता था। इतना ही नहीं, मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और IIFL जैसी नामी गोल्ड लोन कंपनियों में भी नकली/कम कैरेट का सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का ऋण (लोन) उठा लेता था।
मामला कैसे आया सामने?
प्रार्थी संजय श्रीवास को 22 कैरेट का बताकर 18 कैरेट का सोने का लॉकेट ₹45,000 में बेचा गया। जब प्रार्थी ने ज्वेलर्स से जांच कराई, तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत जाल बिछाया और पूरी गैंग को दबोच लिया।
पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री:
• घटना में प्रयुक्त हुंडई i-10 कार (CG05AE-8013)
• 01 नग डिजिटल तौल मशीन (बैटरी चलित)
• नगद राशि और ₹40,000 की बैंक डिपॉजिट पर्ची
• भारी मात्रा में सोने के आभूषण (लॉकेट, झुमकी, अंगूठियां)
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. इंद्रेश कुमार साहू (कोरबा, छत्तीसगढ़)
2. लिलेश्वर सिन्हा (रायपुर, छत्तीसगढ़)
3. मनीष देवांगन (रायपुर, छत्तीसगढ़)
4. आशीष गर्ग उर्फ आशु (नार्थ वेस्ट दिल्ली)
चारों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस सोने के वास्तविक स्रोत और हॉलमार्क की सत्यता की विस्तृत जांच कर रही है।
कोरबा पुलिस की अपील:
सोना खरीदते समय या किसी अनजान व्यक्ति से पुराना सोना लेते समय उसकी शुद्धता (कैरेट) की जांच अधिकृत ज्वेलर्स या हॉलमार्क सेंटर से जरूर करवाएं। सजग रहें, सतर्क रहें!





