कोरबा में मासूम से दरिंदगी और बढ़ते नशे पर फूटा विहिप-बजरंग दल का गुस्सा, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी को सौंपा ज्ञापन
सतपाल सिंह

कोरबा में मासूम से दरिंदगी और बढ़ते नशे पर फूटा विहिप-बजरंग दल का गुस्सा, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी को सौंपा ज्ञापन..

कोरबा। रजगामार क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हृदयविदारक घटना और जिले में तेजी से पैर पसार रहे अवैध नशे के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर जिले की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विहिप और बजरंग दल ने साफ चेतावनी दी है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए जिससे जिले की हर बेटी बिना किसी डर के स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर आ-जा सके।
ये हैं प्रमुख माँगे…
1. मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक
• प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य हो: जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच की जाए और बिना वैध डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के नशीली या नियंत्रित दवाएं बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित हो।
• दवाओं के रिकॉर्ड की जांच: संबंधित नियमों के अनुसार दवाओं की बिक्री और डॉक्टरों के पर्चों के रिकॉर्ड का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। जहां भी गड़बड़ी मिले,
वहां कम से कम एक महीने तक दुकान सील करने की कार्रवाई हो।
• अवैध भंडारण पर एक्शन: नशीली श्रेणी की दवाओं के अवैध भंडारण और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
• संयुक्त टीम का गठन: पुलिस विभाग और औषधि प्रशासन के आपसी तालमेल से संदिग्ध मेडिकल स्टोरों की औचक जांच की जाए।
2. हार्डवेयर दुकानों पर मिलने वाले घातक पदार्थों पर नियंत्रण
• सॉल्यूशन और डेंड्राइट का दुरुपयोग: हार्डवेयर दुकानों पर बिकने वाले थिनर, सॉल्वेंट, और बॉनफिक्स जैसे चिपकाने वाले रासायनिक पदार्थों का उपयोग युवा नशे के रूप में कर रहे हैं।
• नियमित निरीक्षण: ऐसी दुकानों और उनके गोदामों का आवश्यकतानुसार निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
• दुकानदारों की जागरूकता: नाबालिगों द्वारा इन पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दुकानदारों को सतर्क किया जाए। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था
इसके अलावा असामाजिक तत्वों, नशेडियों और छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए:
• शैक्षणिक संस्थान: स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास का क्षेत्र।
• आंगनबाड़ी केंद्र: आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास के संवेदनशील इलाके।
• सुनसान और प्राकृतिक स्थल: तालाब, नदी, नदी किनारे के मैदान, मुक्तिधाम और उनके आसपास के क्षेत्र।
• शहरी एवं ग्रामीण इलाके: जंगल क्षेत्र, शहर से दूर स्थित पिकनिक स्पॉट, खाली मैदान, सुनसान गलियां और अन्य संवेदनशील स्थान।
• सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इन क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, आकस्मिक जांच और आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) तथा पुलिस सहायता बूथ की स्थापना की जाए।
4. जन जागरूकता और विभागों का समन्वय
• जागरूकता कार्यक्रम: महिलाओं और बालिकाओं के प्रति अपराधों को रोकने के लिए समाज में सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
• सामूहिक प्रयास: जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए।
• भयमुक्त माहौल: बालिकाओं को सुरक्षित और अनुसूचित महसूस कराने के लिए उनके बीच आत्मविश्वास जगाया जाए और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाए।
विहिप और बजरंग दल ने प्रशासन को दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि इन मांगों पर जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो संगठन जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।





